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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आधिकारिक घोषणा की है कि 9 मई को भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह तारीख इसलिए भी चुनी गई है क्योंकि इस दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। हालांकि, मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है।
बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। ममता बनर्जी जैसी कद्दावर नेता को भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर 15,000 से अधिक वोटों से हराने के बाद सुवेंदु का कद पार्टी में काफी बढ़ गया है। मंगलवार को सुवेंदु अधिकारी समेत राज्य के शीर्ष नेता दिल्ली रवाना हो रहे हैं, जहां भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ सरकार के स्वरूप और कैबिनेट को लेकर अंतिम मंत्रणा की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की इस जीत को ऐतिहासिक करार दिया है। भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि यह बंगाल के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नई सरकार का ध्यान "बदले पर नहीं, बल्कि बदलाव पर" होना चाहिए। पीएम ने राज्य में राजनीतिक हिंसा को समाप्त कर विकासोन्मुखी राजनीति की ओर बढ़ने का आह्वान किया है। यह जीत पूर्वी भारत में भाजपा के लिए अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
इस चुनाव में भाजपा ने 206 सीटों पर कब्जा जमाकर बहुमत हासिल किया है, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। अपनी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने इसे 'ममता बनर्जी का राजनीतिक रिटायरमेंट' बताया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर में उन्हें सनातनियों, सिखों, जैनों, बौद्धों और यहां तक कि माकपा के समर्थकों का भी आशीर्वाद मिला। सुवेंदु के मुताबिक, यह हिंदुत्व की जीत है। उन्होंने खुलासा किया कि चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह लगातार उनसे संपर्क में थे और उन्होंने भवानीपुर में ममता को हराने का अपना वादा पूरा किया।
दूसरी ओर, करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भवानीपुर मतगणना केंद्र के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से 100 सीटों पर धांधली की गई है। उन्होंने भाजपा को 'दानवों की पार्टी' बताते हुए ईवीएम में लूट और मतदाताओं के नाम काटने जैसे आरोप लगाए। ममता ने यह भी दावा किया कि मतगणना केंद्र पर केंद्रीय बलों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और टीएमसी एजेंटों को अंदर नहीं जाने दिया। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ममता बनर्जी को 'पैथोलॉजिकल लायर' करार दिया है।
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