
डिजिटल डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Bihar) के संभावित केंद्र गमन की खबरों के बीच बिहार की राजनीति में उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ भी साफ नहीं है, लेकिन भाजपा के 'सरप्राइज' कल्चर ने हर छोटे-बड़े नेता की उम्मीदें जगा दी हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा पहली बार के विधायकों को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले के बाद बिहार में भी वैसा ही कुछ होने की धारणा बनी हुई है। आलम यह है कि भाजपा के हर दूसरे विधायक को 'बधाई' वाले संदेश मिल रहे हैं। हालांकि, गंभीर दावेदार इस चर्चा से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि 'लाइमलाइट' में आना उनके लिए उल्टा न पड़ जाए।
समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने चहेते नेताओं को 'भावी मुख्यमंत्री' घोषित कर दिया है...
मैथिली ठाकुर और धर्मशीला गुप्ता: दरभंगा से पहली बार की विधायक और लोक गायिका मैथिली ठाकुर का नाम चर्चा में है। वहीं पहली बार राज्यसभा गईं धर्मशीला गुप्ता को भी सीएम पद का दावेदार बताया जा रहा है।
बुलडोजर मॉडल की मांग: मधुबनी से पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर 'बचौल' के लिए अभियान चल रहा है। समर्थकों का मानना है कि उनकी छवि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसी है, जो राज्य में 'बुलडोजर राज' ला सकते हैं।
अनुभवी चेहरे: पूर्व मंत्री और पांचवीं बार के विधायक नीतीश मिश्रा को भी राज्य का भावी मुख्यमंत्री बताया जा रहा है।
एनडीए की महिला सशक्तीकरण नीति के चलते कई महिला नेताओं के नाम दौड़ में हैं...
भाजपा के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए सवर्ण समाज भी रेस से बाहर नहीं है। सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, और सांसद राजीव प्रताप रूडी जैसे दिग्गज चेहरों के नामों पर चर्चा हो रही है।
इन सभी कयासों के बीच असली पेंच एक ही सवाल पर अटका है - क्या नीतीश कुमार भाजपा द्वारा चुने गए किसी भी चेहरे पर अपनी सहमति की मुहर लगाएंगे? बिना उनकी रजामंदी के बिहार की सत्ता की चाबी किसी और को सौंपना फिलहाल नामुमकिन नजर आता है।
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