क्या फिर जाएगी Rahul Gandhi की सांसदी? निशिकांत दुबे ने लोकसभा में दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के प्रस्ताव को लेकर नोटिस दिया है। यह कदम र ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Feb 2026 03:28:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 12 Feb 2026 03:28:01 PM (IST)
क्या फिर जाएगी Rahul Gandhi की सांसदी?HighLights
- निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ दिया विशेषाधिकार नोटिस
- सदन में असंसदीय भाषा और बिना तथ्यों के दावे करने का लगा आरोप
- भाषण के आपत्तिजनक हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग
डिजिटल डेस्क। संसद के गलियारों में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के प्रस्ताव को लेकर नोटिस दिया है। यह कदम राहुल गांधी द्वारा हाल ही में 'इंडिया-US ट्रेड डील' और 'केंद्रीय बजट' पर उठाए गए सवालों के बाद उठाया गया है।
बिना तथ्यों के आरोप और 'मार्शल आर्ट' वाला बयान
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी सदन में बिना किसी पुख्ता तथ्य के आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए 'ग्रिप' (पकड़) और 'चोक' (गला घोंटना) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई थी। अब यदि विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का यह मामला सदन में आगे बढ़ता है, तो राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नियम 380 के तहत नोटिस: असंसदीय भाषा का आरोप
लोकसभा सचिवालय में दाखिल इस नोटिस में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया गया है...
- असंसदीय भाषा: राहुल गांधी ने सदन की मर्यादा के अनुकूल शब्दों का चयन नहीं किया।
- तथ्यहीन दावे: उनके द्वारा लगाए गए आरोप प्रमाणों पर आधारित नहीं हैं।
- नियम 380: इस नियम के तहत सदन की कार्यसूची से आपत्तिजनक और असंसदीय भाषण के अंशों को हटाने की मांग की गई है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से विशेषाधिकार नोटिस के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आप लोगों को क्या वे लोग कीवर्ड्स (Keywords) देते हैं?" उन्होंने इस मामले को अधिक गंभीरता से न लेते हुए सत्ता पक्ष पर कटाक्ष किया।
पुराना मामला: जब गई थी सांसदी
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की सदस्यता पर तलवार लटकी हो। साल 2023 में, 2019 के एक चुनावी भाषण (मोदी सरनेम मामला) के लिए सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।