
डिजिटल डेस्क। नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) रिटायरमेंट के बाद का एक बड़ा वित्तीय सहारा होता है। अक्सर कई लोग अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद भी पीएफ (PF) खाते से पैसे नहीं निकालते हैं। उन्हें लगता है कि खाते में मौजूद राशि पर हमेशा ब्याज का लाभ मिलता रहेगा।
हालांकि, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार ऐसा नहीं है। एक निश्चित अवधि बीत जाने के बाद आपका ईपीएफ खाता निष्क्रिय (Inactive) श्रेणी में चला जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। आइए समझते हैं कि ईपीएफओ के नियम क्या कहते हैं।
ईपीएफओ की गाइडलाइंस के मुताबिक, जब आपके पीएफ खाते में कंपनी और आपकी तरफ से नया अंशदान (Contribution) आना बंद हो जाता है और आप एक तय सीमा तक कोई निकासी नहीं करते, तो अकाउंट को निष्क्रिय मान लिया जाता है। इसके अलावा, कर्मचारी के स्थायी रूप से विदेश बसने, मृत्यु होने या रिटायरमेंट की स्थिति में भी खाते को इनएक्टिव श्रेणी में डाल दिया जाता है।
यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले ही नौकरी छोड़ देता है या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लेता है, तो उसके खाते पर 58 साल की उम्र होने तक ब्याज मिलता रहता है। उदाहरण के लिए, 50 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने वाले व्यक्ति के पीएफ खाते में 58 वर्ष की आयु तक ब्याज जुड़ता रहेगा। 58 की उम्र के बाद वह खाता निष्क्रिय हो जाएगा।
अगर आप 55 साल की उम्र में या उसके बाद रिटायरमेंट लेते हैं, तो रिटायरमेंट की तारीख से अगले 3 साल (36 महीने) तक ही आपके ईपीएफ खाते में ब्याज जुड़ता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 58 की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे 61 वर्ष की आयु तक ब्याज का फायदा मिलेगा। इसके बाद अकाउंट पर ब्याज मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा।
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