
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेट पर सामान खरीदते, टिकट बुक करते या कोर्स जॉइन करते समय आखिरी पेमेंट पेज पर अक्सर बिल बढ़ जाता है। कभी हैंडलिंग चार्ज, कभी मेंबरशिप, तो कभी ऑटो-सिलेक्टेड डोनेशन जैसी अतिरिक्त रकम इसमें जुड़ जाती है। शुरू में छोटी लगने वाली यह अतिरिक्त राशि कई ट्रांजैक्शंस में मिलकर बड़ी रकम बन जाती है।
कंज्यूमर्स को धोखा देने वाले इन इंटरफेस डिजाइनों को ‘डार्क पैटर्न्स’ कहा जाता है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने इस तरह की भ्रामक गतिविधियों पर सख्त कदम उठाते हुए 9 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
Zepto
शुरुआती कीमत दिखाकर बाद में हैंडलिंग चार्ज जोड़ना (‘ड्रिप प्राइसिंग’) और बिना पूछे मेंबरशिप फीस जोड़ना (‘बास्केट स्नीकिंग’)। कंपनी पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
BookMyShow
चैरिटी के नाम पर 1 रुपये का डोनेशन पहले से टिक (Pre-ticked) रखना।
IndiGo
एक्स्ट्रा सर्विस न लेने पर ग्राहकों को गिल्ट महसूस कराने वाले मैसेज "नहीं, मैं रिस्क लूंगा" का इस्तेमाल करना (‘कन्फर्म शेमिंग’)।
Physics Wallah
10 रुपये का ऑटो-सिलेक्टेड डोनेशन और फ्री कोर्स के लिए जबरन पर्सनल डेटा मांगना। इस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
इसके अलावा FirstCry, PharmEasy, McAfee, SpiceJet और Anuj Jindal जैसे प्लेटफॉर्म्स पर छिपे हुए चार्जेस, भ्रामक काउंटडाउन टाइमर और सब्सक्रिप्शन ट्रैप के लिए 1 से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस, 2023 के तहत झूठी अर्जेंसी, ड्रिप प्राइसिंग, बास्केट स्नीकिंग और कन्फर्म शेमिंग समेत 13 तरह के भ्रामक डिजाइनों को प्रतिबंधित किया गया है। रेगुलेटर के कड़े रुख के बाद कंपनियों ने जुर्माना भरकर इन प्रथाओं को सुधारना शुरू कर दिया है।