
धर्म डेस्क। अक्सर हम घर के मुख्य कमरों के वास्तु पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी महत्वपूर्ण जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का हमारी आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से गहरा संबंध होता है। यहां की गई एक छोटी सी लापरवाही घर में कंगाली और नेगेटिविटी ला सकती है।
वास्तु विज्ञान में पानी को 'संपन्नता' और 'प्रवाह' का प्रतीक माना गया है। बाथरूम में रखी खाली बाल्टी जीवन में अभाव और खालीपन को दर्शाती है। यह घर में पॉजिटिव एनर्जी के प्रवेश को रोकती है, जिससे आर्थिक तंगी शुरू हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय बाल्टी खाली रखने से मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। ज्योतिषीय नजरिए से जल का संबंध चंद्रमा से है, इसलिए खाली बर्तन मानसिक अशांति का कारण बनते हैं।
वास्तु लाभ के लिए केवल बाल्टी का भरा होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका रंग और स्थिति भी मायने रखती है:
वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सर्वोत्तम माना गया है। यह जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और इसे रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
बाल्टी कभी भी टूटी-फूटी या अत्यधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। गंदी और टूटी बाल्टी घर में दरिद्रता को न्योता देती है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए हमेशा बाथरूम की बाल्टी को साफ पानी से भरकर रखें। यह छोटा सा बदलाव आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है।
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