छत्तीसगढ़ की रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा का पट खुला, 16 बार नदी पार कर यहां पहुंचते हैं श्रद्धालु
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर मंडीप खोल गुफा को सोमवार को श्रद्धालुओं के दर्शन ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Apr 2026 02:32:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Apr 2026 02:38:30 PM (IST)
छत्तीसगढ़ की रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा का पट खुला।HighLights
- प्राचीन गुफा ठाकुरटोला जमींदारी की अमूल्य विरासत मानी जाती है
- अक्ति पर्व के बाद आने वाले पहले सोमवार को खुलती है गुफा
- श्रद्धालुओं के लिए किसी रोमांचक यात्रा से कम नहीं यहां पहुंचना
नईदुनिया न्यूज, राजनांदगांव। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर मंडीप खोल गुफा को सोमवार को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। यह प्राचीन गुफा ठाकुरटोला जमींदारी की अमूल्य विरासत मानी जाती है।
परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर्व के बाद आने वाले पहले सोमवार को गुफा का पट विधिवत खोला जाता है। मंडीप खोल गुफा तक पहुंचना आसान नहीं है। श्रद्धालुओं को पहाड़ी और दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है।
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नदी को करीब 16 बार पार करना पड़ता है
खास बात यह है कि रास्ते में एक ही नदी को करीब 16 बार पार करना पड़ता है, जो इस यात्रा को और रोमांचक बनाता है। गुफा के अंदर घना अंधेरा रहता है। इसलिए श्रद्धालुओं को मोबाइल टार्च या अन्य प्रकाश की व्यवस्था करनी होती है।
गुफा के भीतर विराजमान भगवान शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष श्रद्धा और उत्साह देखने को मिलता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंडीप खोल गुफा आस्था, रोमांच और परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में नजर आई।
अक्ति पर्व के बाद आने वाले पहले सोमवार को खुलती है गुफा
ऐतिहासिक मंडीप खोल गुफा गुफा के खुलते ही हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया। परंपरा के अनुसार अक्ति पर्व के बाद आने वाले पहले सोमवार को गुफा का विधिवत उद्घाटन किया जाता है।
इस अवसर पर 21 सदस्यों का विशेष दल सबसे पहले गुफा में प्रवेश कर बांस के सहारे ऊंचाई तक पहुंचा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
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श्रद्धालुओं के लिए किसी रोमांचक यात्रा से कम नहीं
मंडीप खोल गुफा तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए किसी रोमांचक यात्रा से कम नहीं है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों के साथ-साथ भक्तों को एक ही नदी को करीब 16 बार पार करना पड़ता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और वे उत्साह के साथ गुफा तक पहुंचे।
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गुफा में विराजमान शिवलिंग के दर्शन को आते हैं श्रद्धालु
गुफा के भीतर घना अंधेरा होने के कारण श्रद्धालु मोबाइल टॉर्च और अन्य प्रकाश साधनों का सहारा लेते नजर आए। गुफा में विराजमान शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों में गहरी श्रद्धा देखने को मिली। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंडीप खोल गुफा आस्था, रोमांच और परंपरा का अद्भुत केंद्र बन गई है।
जहां दूर-दूर से आए श्रद्धालु दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात हैं।