2 जून की रात बदलेगी ग्रहों की चाल, गुरु गोचर से इन राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेंगे अप्रत्यक्ष आर्थिक फायदे
देवगुरु बृहस्पति का मिथुन से कर्क राशि में गोचर 12 साल बाद 2 जून को देर रात 02:25 बजे होने जा रहा है। यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताय ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 07:31:57 PM (IST)Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 07:31:57 PM (IST)
देवगुरु बृहस्पति 12 वर्ष बाद आएंगे अपनी उच्च राशि कर्क में।HighLights
- 12 साल बाद देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर
- 12 राशियों पर इसका प्रभाव और ज्योतिषीय महत्व
- 15 जुलाई को अस्त होकर 12 अगस्त को उदय होंगे गुरु
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवगुरु बृहस्पति का मिथुन से कर्क राशि में गोचर 12 साल बाद 2 जून को देर रात 02:25 बजे होने जा रहा है। यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। 31 अक्टूबर तक गुरु इसी राशि में विराजमान रहेंगे। इस अवधि में कई राशियों के जीवन में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं कुछ के लिए यह समय मध्यम फल प्रदान करने वाला रहेगा।
हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को देवताओं के गुरु, ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के सर्वोच्च प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उन्हें नवग्रहों में सबसे अधिक शुभ ग्रह माना जाता है, जो भाग्य, धन, और विस्तार (प्रगति) के कारक हैं।
गुरु गोचर का समय और ऐतिहासिक महत्व
ज्योतिर्विद् विनायक चतुर्वेदी के अनुसार यह गुरु वैदिक ज्योतिष का सबसे बड़ा शुभ ग्रह है। 15 जुलाई को गुरु का तारा 28 दिन के लिए अस्त होगा और 12 अगस्त को उदय होगा। इससे पहले गुरु 2014-15 में कर्क राशि में थे। इसके बाद 2038-2039 में कर्क राशि में होंगे। वार्षिक भविष्यफल में इसकी व्यापक चर्चा रहती है। यह ज्ञान, भाग्य, संतान, धर्म और उच्च शिक्षा का कारक है। इसकी राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों के जातक पर पड़ेगा।
मेष राशि को मिलेंगे अप्रत्यक्ष लाभ, मिथुन को रहना होगा सजग
- मेष : पहले से अच्छा समय लेकर आएगा। विशेष रूप से आपको 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में कुछ अप्रत्यक्ष लाभ देखने को मिलेगा। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ होगा।
- वृषभ : भावनात्मक अपेक्षाएं बढ़ने से किसी के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। प्रेम संबंध को लेकर मन ज्यादा प्रभावित हो सकता है। परिजनों को लेकर भी मन चिंतित होगा।
- मिथुन : यह गोचर आपको सजग और परिश्रमी बनाएगा। साथ ही किसी भावनात्मक संबंध को लेकर आप परेशान भी हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में थोड़ा वैचारिक तनाव से परेशान हो सकते हैं।
- कर्क : कुछ चिंताएं आपको परेशान कर सकती हैं। एक साथ बहुत सारी जिम्मेदारियां आने पर उसका दबाव मन पर पड़ेगा। कुछ पुरानी बातों को लेकर मन परेशान हो सकता है।
- सिंह : पारिवारिक, आर्थिक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को लेकर तनाव का अनुभव कर सकते हैं। ऐसे में गोचर में बृहस्पति का द्वादश होना मन में नकारात्मक चिंतन की वृद्धि करता है।
- कन्या : एकादश भाव में बृहस्पति आर्थिक प्रगति के साथ मान-प्रतिष्ठा में भी वृद्धि दिलाएगा। इस समय आप अपनी क्षमताओं का भरपूर लाभ ले सकते हैं। ख्याति और आर्थिक प्रगति प्राप्त होगी।
तुला से लेकर मीन राशि तक का राशिफल
- तुला : गोचर आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। आध्यात्मिक एवं संस्कारिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता के आसार बनने के साथ सहयोगियों से सहयोग प्राप्त होगा।
- वृश्चिक : अब बृहस्पति आपके लिए सुखद कहा जाएगा। यह आपकी सारी समस्याओं का समाधान करने में सहायक होगा। इसके बाद आप काफी सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेंगे।
- धनु : आप अपने भीतर विनम्रता लेकर आएं। किसी अचल संपत्ति को बेचने हेतु प्रगतिशील हो सकते हैं। माता अथवा बहन के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें। पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति आपकी व्यस्तता बढ़ेगी।
- मकर : किसी मांगलिक कार्य हेतु किए प्रयास सार्थक होने के प्रबल योग बन रहे हैं। व्यवसाय के नए मार्ग खुलेंगे। आप कहीं निवेश भी कर सकते हैं। जीवन को दिशा देने के लिए विचारशील भी रहेंगे।
- कुंभ : स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के साथ आर्थिक चिंताओं को लेकर मन परेशान होगा। मन भविष्य को लेकर परेशान होगा। इस दौरान आप बुद्धिमत्ता से काम लें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान देना है।
- मीन : आपके भीतर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रुचि बढ़ेगी। ईश्वर के प्रति आपकी गहरी आस्था में वृद्धि होगी। परिजनों का इसमें सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक वातावरण काफी सुखद होगा।
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