वैशाख पूर्णिमा 2026: भूलकर भी न करें ये काम, वरना घर में आ सकती है दरिद्रता; जानें क्या करें और क्या नहीं
वैशाख पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। यह 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 04:43:44 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 04:43:44 PM (IST)
वैशाख पूर्णिमा 2026(एआई फोटो)HighLights
- स्नान-दान का विशेष महत्व
- तामसिक भोजन से परहेज
- विवाद और क्रोध से बचें
धर्म डेस्क। वैशाख पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। यह 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण होने के कारण इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है, लेकिन कुछ गलतियां जीवन में नकारात्मक असर भी डाल सकती हैं।
क्या करें?
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है और सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की कथा सुनना या करना घर में सुख-शांति लाता है।
दान का विशेष महत्व बताया गया है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जल, सत्तू, फल या छाता जैसी चीजों का दान करने से पुण्य बढ़ता है। वहीं रात में चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य देने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
किन बातों से बचें?
इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन से दूरी बनाए रखना चाहिए। साथ ही क्रोध, विवाद और अपमान से भी बचना जरूरी है, क्योंकि इससे घर की सकारात्मकता प्रभावित होती है।
शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा के दिन बाल और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा इस दिन धन का लेन-देन भी टालना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक परेशानी आने की आशंका मानी जाती है। सुबह-शाम के समय अधिक देर तक सोना भी वर्जित माना गया है।