• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • धर्म
  • विधि / उपाय

पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बनाएं भोजन, उत्तर-पूर्व में ही स्थापित करें पूजा घर

वास्तु शास्त्र केवल मान्यताओं का समूह नहीं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला का वह प्राचीन विज्ञान है जो प्रकृति के पंचतत्वों और दिशाओं के सही संतुलन पर आधार...और पढ़ें

By Sushil PandeyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 11:59:31 AM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 12:15:42 PM (IST)
पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बनाएं भोजन, उत्तर-पूर्व में ही स्थापित करें पूजा घर
रसोई घर और पूजा घर।

HighLights

  1. सत्यनाराण भगवान की कथा गुरुवार के दिन और पूर्णिमा की तिथि में कराना शुभ है।
  2. आप मंदिर की दक्षिण दिशा में बैठकर पूजा करें, ताकि आपका मुंह उत्तर की तरफ हो।
  3. इससे धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होगी। पश्चिम की ओर मुंह करके पूजा नहीं करनी चाहिए।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भवन निर्माण में दिशाओं का सही चयन, मुख्य द्वार की स्थिति, पूजा घर का स्थान और घर का वास्तु दोष निवारण- ये ऐसे विषय हैं जो हर व्यक्ति के मन में उत्सुकता और चिंता पैदा करते हैं। इन्हीं जिज्ञासाओं का समाधान करने और सकारात्मक ऊर्जा के सही प्रवाह का मार्ग दिखाने के लिए मंगलवार को नवदुनिया कार्यालय में ''हेलो नवदुनिया'' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस विशेष सत्र में प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ व सलाहकार सत्येंद्र सिंह ने शिरकत की। उन्होंने पाठकों द्वारा फोन पर पूछे गए सवालों और शंकाओं के व्यावहारिक व सटीक समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान सत्येंद्र सिंह ने बताया कि वास्तु शास्त्र केवल मान्यताओं का समूह नहीं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला का वह प्राचीन विज्ञान है जो प्रकृति के पंचतत्वों और दिशाओं के सही संतुलन पर आधारित है।

इसका मुख्य उद्देश्य मानव जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का समावेश करना है। उन्होंने दैनिक उपासना, शुभ कार्यों के मुहूर्त और बिना तोड़-फोड़ के वास्तु दोष दूर करने के प्रभावी उपाय भी साझा किए।

प्रश्न- मेरे घर का किचन ओपन है। किचन में ही पूजा स्थल भी है। क्या वास्तु के हिसाब से यह सही है?

- विनीता तिवारी, अवधपुरी

उत्तर- रसोई में पूजा घर होने से हम साफ- सफाई का ध्यान नहीं रख पाते हैं। इसलिए पूजा घर को अलग कर लें। सेपरेशन कर लें या घर में कहीं और जगह है तो वहां शिफ्ट कर लें।

प्रश्न- मेरे घर में एक छोटा मंदिर है, जिसका मुंह पूर्व की दिशा में है। शिवलिंग भी पूर्व दिशा में स्थापित है। पूजा करने की दिशा कौन सी होनी चाहिए?

- विकास द्विवेदी, कोलार रोड

उत्तर- शिवलिंग की जलहरी उत्तर दिशा की ओर होनी चाहिए। आप मंदिर की दक्षिण दिशा में बैठकर पूजा करें, ताकि आपका मुंह उत्तर की तरफ हो। इससे धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होगी। पश्चिम की ओर मुंह करके पूजा नहीं करनी चाहिए।


प्रश्न- मुझे अपने घर में धार्मिक अनुष्ठान कराना है। इसके साथ ही नया वाहन भी खरीदना है। शुभ मुहूर्त के बारे में बताएं?

- हरीश मालवीय, नयापुरा

उत्तर- सत्यनाराण भगवान की कथा गुरुवार के दिन और पूर्णिमा की तिथि में कराना शुभ है। गणेश चतुर्थी से अनंत चौदस तक किसी भी मुहूर्त में वाहन खरीद सकते हैं। पहले से बुकिंग कर लें और अनन्त चतुर्दशी वाहन को घर लाएं।

प्रश्न- मेरा समय कुछ ठीक नहीं चल रहा है। घर में पूरा दिन सोता रहता हूं। काम- धंधा भी नहीं है। इसलिए धन की आवक भी नहीं हो रही है?

- संजय राठौर, लक्ष्मीनगर

उत्तर- सबसे पहले किसी अच्छे डाक्टर को दिखाएं। धनोपार्जन के लिए नियमित प्रयास करना जरूरी है। हनुमानजी के मंदिर में शाम को दीपक रखें और अपनी परेशानी के निवारण के प्रार्थना करें।

प्रश्न- मेरे घर में रसाई का चूल्हा दक्षिण में है। इसलिए खाना बनाते समय मेरा मुंह दक्षिण दिशा में रहता है। क्या वास्तु के हिसाब से सही है?

- देविका साहू, न्यू मार्केट

उत्तर- रसोई में खाना बनाते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था वास्तु संगत नहीं है। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। तुरंत बदलाव करना चाहिए।

प्रश्न- मैंने एक प्लाट लिया है। लोकेशन के हिसाब से घर का मुख्य द्वार पश्चिम की तरफ होगा और प्लाट तिरछा भी है?

- रीना प्रजापति, भोपाल

उत्तर- पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार होने में कोई बुराई नहीं है। वहीं प्लाट यदि उत्तर- पश्चिम में तिरछा है तो भी काई दिक्कत नहीं है। बड़े प्लाट में छोटे एरिया के तिरछा होने का प्रभाव ज्यादा नहीं होता।

प्रश्न- मेरा निवास फ्लैट में है। घर पर मंदिर कहां बनाना वास्तु के अनुसार सही होगा?

- योगेश जैन, अवधपुरी

उत्तर- घर के उत्तर- पूर्व में मंदिर बनवा सकते हैं। यदि उत्तर पूर्व में संभव न हो तो बैठक कक्ष के उत्तर- पूर्वी कोने पर मंदिर बनवाना उपयुक्त रहेगा।

प्रश्न- घर में धन का आगमन नहीं हो रहा।परिवार के अधिकतर सदस्य बीमार रहते हैं।

- विमलेश यादव, नारियलखेड़ा

उत्तर- मूल समस्या बीमारी है। नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए घर में सफाई रखें। पुराना गैर उपयोगी सामान हटा दें। किसी सिद्ध मंदिर से जुड़े और वहीं पर पूजा- पाठ करें। ऐसे समय में घर पर पूजा- पाठ करना ठीक नहीं है। सिद्ध संतो की समाधियां भी ऐसी स्थिति में चमत्कार करती हैं।

प्रश्न- मेरे घर में बाथरूम और हाल की दीवार एक ही है। ऐसे में दीवार पर गणेशजी की फोटो लगा सकते हैं। इसी प्रकार किचन की चूल्हा और सिंक अगल- बगल है?

- कीर्ति यादव, नेहरू नगर

उत्तर- बाथरूम की दीवार पर गणेशजी की फोटो न लगाएं। इसके लिए किसी दूसरी दीवार का चयन करें, या फिर दीवार से छह इंच की दूरी पर फोटो रख सकती हैं। किचन में चूल्हा और सिंक अगल- बगल होने से कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी आपको लगता है तो दोनों के बीच पार्टिशन कर लें। दोनों बीच लकड़ी को बोर्ड लगा सकती हैं।