अक्षय तृतीया 2026 : अबूझ मुहूर्त पर बनेगा सर्वार्थसिद्धि और गजकेसरी का संयोग
अक्षय का अर्थ है कभी न कम होने वाला। इस दिन किए जाने वाले पुणित कार्यों का कभी क्षय नहीं होता है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 11 Apr 2026 12:41:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Apr 2026 01:04:27 PM (IST)
अक्षय तृतीया पर बन रहा ग्रहों का विशेष संयोग।HighLights
- अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्रमा के उच्च राशि होने से मिलगी अक्षय कृपा
- मांगलिक कार्यों के लिए विशेष रहेगा दिन, भगवान परशुराम का होगा पूजन
- गजकेसरी योग और इसके लाभ, किन राशियों के लिए है शुभ
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अबूझ मुहूर्त में से एक अक्षय तृतीया इस वर्ष 19 अप्रैल को आस्था और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस दिन कार्यों में सिद्धि देने वाला सर्वार्थसिद्धि और गजकेसरी का मंगलकारी संयोग बनेगा। इसके साथ ही रवि, शोभन एवं मालव्य राजयोग इस दिन को ओर भी अधिक खास बनाएगा। यह दिन खरीदारी के साथ ही मांगलिक कार्यों के लिए भी खास रहेगा। इस अवसर पर भगवान परशुराम का पूजन के साथ ही शहर से शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
अक्षय तृतीया यानि आखातीज को वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। अक्षय का अर्थ है कभी न कम होने वाला। इस दिन किए जाने वाले पुणित कार्यों का कभी क्षय नहीं होता है। ज्योतिर्विद पं. कल्याण तिवारी ने बताया कि इस दिन कई संयोग बन रहे है। गजकेसरी योग गुरु व चंद्रमा की युति या केंद्र में होने से बनता है।
यह शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक है। इस दिन चंद्रमा और सूर्य दोनों अपनी उच्च राशि में होंगे जो फलदायी है। इसके साथ ही कई शुभ योग बन रहे है। ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा दोनों अपने उच्च राशि में होते है और दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय होता है। इस कारण इस दिन किए कार्य के परिणाम का क्षय नहीं होता है।