गणेश चतुर्थी 2026: जीवन के सारे विघ्न-बाधाएं दूर करेंगे बप्पा, करें इन 5 सिद्ध मंत्रों का जाप
14 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर भगवान श्री गणेश की कृपा पाने के लिए 5 विशेष मंत्रों का जाप करें; जानिए मूल मंत्र, लक्ष्म...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 11:01:50 AM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 11:01:50 AM (IST)
गणेश चतुर्थी के अवसर पर करें भगवान श्री गणेश के 5 सिद्ध मंत्रों का जाप। (एआई फोटो)HighLights
- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश उत्सव
- इस दिन गणपति के विशेष मंत्र जाप से सभी समस्याएं दूर होती हैं
- इन मंत्रों के नियमित जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन महापर्व 14 सितंबर को पूरे देश में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का प्राकट्य हुआ था। इस शुभ अवसर पर गणेश जी की स्थापना, व्रत और पूजन का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ भगवान गणेश के सिद्ध मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी अड़चनें, आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव समाप्त हो जाते हैं।
गणेश चतुर्थी पर जपें ये 5 विशेष मंत्र
1. गणेश जी का मूल मंत्र (सफलता और विघ्ननाश के लिए)
ॐ गं गणपतये नमः।
- महत्व: यह भगवान गणेश का सबसे सरल, प्रभावशाली और मूल मंत्र है। गणेश चतुर्थी के दिन इस मंत्र की कम से कम 108 बार माला फेरने से जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और हर कार्य में सिद्धि व सफलता प्राप्त होती है।
2. लक्ष्मी-विनायक मंत्र (धन-धान्य और समृद्धि के लिए)
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
- महत्व: यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, पैसों की किल्लत या व्यापार में नुकसान का सामना कर रहे हैं, तो गणेश चतुर्थी पर इस मंत्र का जाप करें। इससे माता लक्ष्मी और भगवान गणेश दोनों की कृपा से धन, वैभव और समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
3. विघ्ननाशक गणेश मंत्र (संकटों से मुक्ति के लिए)
ॐ वक्रतुण्डाय हुं।
- महत्व: यह मंत्र जीवन के बड़े से बड़े संकटों और शत्रुओं के प्रभाव को नष्ट करने वाला माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र के जाप से कार्यों में आ रहे गतिरोध समाप्त होते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन 108 बार इस मंत्र का जाप अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।
4. गणेश गायत्री मंत्र (बुद्धि, विवेक और शिक्षा में सफलता के लिए)
ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंति प्रचोदयात्।
- महत्व: विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह मंत्र अचूक है। इसका नियमित या चतुर्थी के दिन जाप करने से ज्ञान, तीक्ष्ण बुद्धि, एकाग्रता और करियर में अभूतपूर्व प्रगति मिलती है।
5. ऋणमोचन गणेश मंत्र (कर्ज से मुक्ति के लिए)
ॐ गणेश ऋणं छिंधि वरं हुं नमः फट्।
- महत्व: यदि आप पर किसी प्रकार का कर्ज या ऋण भारी पड़ रहा है, तो गणेश चतुर्थी के दिन से इस ऋण मुक्ति मंत्र का जाप प्रारंभ करें। यह मंत्र व्यक्ति के आर्थिक संकटों को दूर कर आय के नए स्रोत बनाने में मदद करता है।
मंत्र जप की सरल विधि-
- स्थान व समय: गणेश चतुर्थी के दिन सुबह या शाम की आरती के बाद साफ आसन पर बैठें।
- दिशा: आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
- माला: मंत्रों का जाप रुद्राक्ष, चंदन या कमल गट्टे की माला से करना उत्तम रहता है।
- भोग: पूजा के दौरान कान्हा व बप्पा को मोदक, दूर्वा (घास) और लाल पुष्प अर्पित कर मंत्र जाप करें।
(नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, लोक परंपराओं और सनातन ग्रंथों पर आधारित है।)
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