
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सनातन धर्म में प्रत्येक दिन विशिष्ट देवता को समर्पित होता है। इसी प्रकार मंगलवार का दिन भी संकट मोचन हनुमान जी को समर्पित है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
ज्येष्ठ महीने के मंगलवार विशेष महत्व रखते हैं। इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल आज है। गौरीघाट स्थित रामलला मन्दिर में श्रद्धालु पवनपुत्र को मनोकामना की अर्जी लगाएंगे। जगह-जगह भंडारे होंगे ।
पुरोहित जनार्दन शुक्ला के अनुसार, बजरंगबली को अष्ट सिद्धि नौ निधि का दाता कहा जाता है। इसलिए उनकी कृपा पाने के लिए भक्त बड़े मंगल पर विशेष पूजा अर्चना करेंगे। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली को चोला चढ़ाने, दान पुण्य करने से हर तरह की बाधा दूर हो जाती है। हनुमान जी को चिरंजीवी कहा जाता है। बड़ा मंगल के दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ उन्हें याद करते हैं तो वह उसे बचाने के लिए दौड़े चले आते हैं। आर्थिक, मानसिक और शारीरिक पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए इस दिन संकटमोचन का व्रत भी रखा जाएगा ।
गौरीघाट स्थित रामलला मन्दिर में बालरुप हनुमानजी के गर्भगृह के ऊपर ही एक बड़ी प्रतिमा है, जो रामलला के नाम से प्रसिद्ध है। इस प्रतिमा में हनुमानजी दुष्टों को खदेडऩे जैसी मुद्रा में हैं। यहां ज्येष्ठ मास के बड़ा मंगल के दिन जोरदार भीड़ जुटती है। मन्दिर के मनोज तिवारी ने बताया कि यहां मंदिर में लोग अपनी मान्यता लिखकर नारियल बांधते हैं। बड़ा मंगल पर अर्जी लगाने वालों की भीड़ उमड़ेगी।उन्होंने बताया कि यहां छोटे से लेकर बड़े-बड़े लोग अपनी अर्जी लगाने आते हैं। अर्जी पूरी होने पर भंडारे आदि कराते हैं।
रामलला मंदिर गौरीघाट, बड़े महावीर मंदिर बड़ा फुहारा, हनुमान मंदिर गेट नं.2, संकट मोचन सिद्धपीठ रानीताल,दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर शक्तिनगर,पंचमुखी हनुमान मंदिर, हनुमानपुरी स्नेहनगर, प्राचीन बड़े हनुमान मंदिर अधारताल,पाटबाबा हनुमान मंदिर, जीसीएफ राममंदिर चुंगी चौकी, सिद्धपीठ हनुमान मंदिर गुरैयाघाट, गौर सहित अन्य।
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