17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिक मास, पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में रहेगी उत्सव की बयार
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास का संयोग 17 मई से 15 जून तक रहेगा। ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून को वट सावित्री पूर्णिमा पर समाप ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 23 Apr 2026 01:18:13 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Apr 2026 01:27:26 PM (IST)
श्री गोवर्धननाथजी की तस्वीर।HighLights
- ठाकुरजी की हवेलियों में 30 दिन तक रहेगा उत्सव का उल्लास, हर दिन अलग मनोरथ; भक्त भक्ति में रहेंगे लीन
- श्री गोवर्धननाथजी की हवेली में इंद्रदमन रूप के दर्शन, उत्सवों की सूची चस्पा; वैष्णवजनों ने शुरू की तैयारी
- प्रमुख उत्सव : 28-29 मई फूल श्रृंगार, 31 मई शरद उत्सव, 4 जून मोहिनी स्वरूप, 9 जून नंद महोत्सव, 11 जून नौका विहार
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पंचांग की गणना के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास का संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ मास का आरंभ 2 मई को होगा तथा समापन 29 जून को वट सावित्री पूर्णिमा के दिन होगा। दो माह की इस अवधि में 17 मई से 15 जून तक एक माह अधिकमास का पर्वकाल रहेगा।
इस दौरान तीर्थाटन, दान तथा मंदिरों में विभिन्न तीज त्योहार मनाए जाएंगे। विशेष कर पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में उत्सव की बयार बहेगी। शहर में पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय के विभिन्न मंदिर है। इन्हें ठाकुरजी की हवेली कहा जाता है। इन मंदिरों में अधिकमास के तीस दिन वर्ष में होने वाले मनोरथ का उल्लास छाएगा। हर दिन एक मनोरथ होगा भक्त ठाकुरजी की भक्ति में लीन रहेंगे।
उज्जैन के कार्तिक चौक स्थित श्री गोवर्धननाथजी की हवेली में अधिकमास के दौरान मनाए जाने वाले उत्सवों की सूची भी चस्पा कर दी गई है। वैष्णवजनों ने उत्सव की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के इंद्रदमन रूप के दर्शन होते हैं। वर्षभर बड़ी संख्या में वैष्णवजन यहां भगवान के दर्शन करने आते हैं।
किस दिन कौनसा उत्सव
- 28,29 मई : फूल श्रृंगार व फूल बंगला
- 30 मई : पान एवं बीड़े का हिंडोला
- 31 मई : शरद उत्सव
- 01 जून : वेणी माधव लीला
- 02 जून : गुलाबी घटा
- 03 जून : पनघट लीला
- 04 जून : मोहिनी स्वरूप,गिरिराजजी, यमुनाजी एवं महाप्रभुजी का बंगला।
- 05 जून : देव दमन
- 06 जून : गिरिराजजी परिक्रमा
- 07 जून : चवरी मनोरथ
- 08 जून : वासुदेव लीला
- 09 जून : सुबह 11 बजे नंद महोत्सव
- 09 जून : रात 8 बजे मयूर कूटी दर्शन
- 10 जून : पुष्प हिण्डोला
- 11 जून : नौका विहार व फूल बंगला
- 12 जून : पुष्प तलाई व फूल बंगला
- 13 जून : गिरिराजजी भोग दोपहर 12 बजे
- 13 जून : इंद्र दमन रात 8 बजे
- 14 जून : हटड़ी सांझी दीपोत्सव
- 15 जून : हरियाली घटा
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