प्रकृति की गोद में बसा आध्यात्मिक केंद्र मद्दा खो आश्रम, गुरु पूर्णिमा पर उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब
श्री परमहंस आश्रम मद्दा खो के नाम से प्रसिद्ध यह धार्मिक स्थल लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। यहां आने वाले भक्तों के लिए यह केवल प...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 03:18:01 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 03:18:36 PM (IST)
मद्दा खो आश्रम क फाइल फोटो।HighLights
- पहाड़ियों और जंगलों के बीच प्राकृतिक सौंदर्य और साधना का संगम
- गुरु पूर्णिमा पर लगता है भव्य मेला, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
- मानसिक सुकून और आत्मिक शांति का प्रमुख केंद्र है अमरगढ़ का आश्रम
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर की भागदौड़ और शोरगुल से दूर जब कोई व्यक्ति प्रकृति की शांत वादियों में पहुंचता है तो मन को एक अलग ही सुकून का अनुभव होता है। ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र के अमरगढ़ में पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित परमहंस मद्दा खो आश्रम ऐसा ही एक आध्यात्मिक स्थल है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आस्था और साधना का अनूठा संगम देखने को मिलता है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों से घिरी खोह और शांत वातावरण इस स्थान को आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष बनाते हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं का मेला लगता है और दूर-दूर से भक्त आश्रम पहुंचकर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
श्री परमहंस आश्रम मद्दा खो के नाम से प्रसिद्ध यह धार्मिक स्थल लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। यहां आने वाले भक्तों के लिए यह केवल पूजा-पाठ का स्थान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक सुकून प्राप्त करने का माध्यम भी है। प्राकृतिक वातावरण में कुछ समय बिताने से मन की अशांति दूर होने और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने की बात श्रद्धालु कहते हैं। यही कारण है कि सामान्य दिनों में भी यहां भक्तों का आना-जाना बना रहता है।
गुरु पूर्णिमा पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
मद्दा खो आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है और पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण से सराबोर हो जाता है। श्रद्धालु गुरु का पूजन कर आशीर्वाद लेते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
गुरु पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ग्वालियर और अन्य स्थानों से भी भक्त पहुंचते हैं। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण यह आयोजन एक बड़े धार्मिक मेले का स्वरूप ले लेता है। आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्र में पूरे दिन भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहता है।