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सावन में उज्जैन-ओंकारेश्वर ही नहीं… मध्यप्रदेश के यह 7 शिव मंदिर भी हैं आस्था के बड़े केंद्र, हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं

सावन माह में महाकाल और ओंकारेश्वर के अलावा भोजपुर, जटाशंकर और गुप्तेश्वर महादेव जैसे मध्य प्रदेश के 7 अन्य दिव्य शिवधामों में भी लाखों श्रद्धालु दर्शन...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Sun, 26 Jul 2026 12:32:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Jul 2026 12:32:28 PM (IST)
सावन में उज्जैन-ओंकारेश्वर ही नहीं… मध्यप्रदेश के यह 7 शिव मंदिर भी हैं आस्था के बड़े केंद्र, हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं
सावन के पावन महीने में मध्य प्रदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों (महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर) के अलावा प्रदेश के 7 अन्य प्रसिद्ध शिवधामों में भी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। (AI जनरेटेड)

HighLights

  1. रायसेन का भोजेश्वर मंदिर भारत का सबसे बड़ा शिवलिंग है
  2. पचमढ़ी के जटाशंकर महादेव सावन में आस्था का केंद्र हैं
  3. सभी मंदिरों में हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचती हैं

धर्म डेस्क, भोपाल। सावन का महीना शुरू होते ही मध्यप्रदेश के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगती है। महाकाल और ओंकारेश्वर की पहचान देशभर में है, लेकिन इनके अलावा भी प्रदेश में कई ऐसे शिवधाम हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इन मंदिरों की अपनी अलग मान्यता, इतिहास और धार्मिक परंपराएं हैं।

1. भोजपुर का भोजेश्वर महादेव (रायसेन)

भोजपुर स्थित भोजेश्वर मंदिर को ‘पूर्व का सोमनाथ’ भी कहा जाता है। यहां स्थापित विशाल शिवलिंग भारत के सबसे बड़े एकाश्म शिवलिंगों में गिना जाता है। माना जाता है कि इसका निर्माण राजा भोज ने कराया था। सावन और महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।


2. सिद्धनाथ महादेव, ओंकारेश्वर (खंडवा)

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास स्थित सिद्धनाथ मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। कई श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग दर्शन के साथ यहां भी दर्शन करना शुभ मानते हैं।

3. गुप्तेश्वर महादेव (जबलपुर)

चट्टानों और प्राकृतिक गुफाओं के बीच स्थित यह मंदिर अपनी शांत धार्मिक वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

4. खजराना क्षेत्र का प्राचीन शिव मंदिर (इंदौर)

खजराना गणेश मंदिर के अलावा आसपास स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भी सावन के दौरान विशेष पूजा और जलाभिषेक होता है।

5. पातालेश्वर महादेव (छिंदवाड़ा)

यह मंदिर अपनी प्राचीन मान्यताओं और प्राकृतिक वातावरण के कारण श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय है। सावन में यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।

6. जटाशंकर महादेव (पचमढ़ी)

सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच स्थित यह प्राकृतिक गुफा मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है।

7. अचलेश्वर महादेव (विदिशा)

यह मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। सावन में यहां जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है।

इन मंदिरों में क्यों बढ़ती है भीड़?

  • सावन में विशेष जलाभिषेक और रुद्राभिषेक।
  • सोमवार को दूर-दूर से कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंचते हैं।
  • कई मंदिरों में भस्म आरती, रात्रि जागरण और भंडारे आयोजित होते हैं।
  • प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व होने से धार्मिक पर्यटन भी बढ़ता है।