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इंदौर के खजराना गणेश में इस बार 40 इंच की सनातन राखी देगी राष्‍ट्रप्रेम का संदेश

इसके साथ ही महाकाल, भगवान जगन्नाथ भी दिखाई देंगे। इसमें धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास को कलाकार बारीक से उकेर कर अंतिम रूप दे रहे हैं।

By ramkrashna MuleEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 11:25:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 11:29:51 AM (IST)
इंदौर के खजराना गणेश में इस बार 40 इंच की सनातन राखी देगी राष्‍ट्रप्रेम का संदेश
इंदौर के खजराना गणेश में राष्‍ट्र प्रेम की राखी।

HighLights

  1. चालीस इंच की राखी पर वंदे मातरम की महत्ता को उकेर रहे
  2. भोजशाला में मां वाग्देवी की पुनर्स्थापना का संदेश भी समाहित
  3. चार शहरों से मंगाई सामग्री और ढाई माह से चल रहा निर्माण

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश-विदेश में ख्यात शहर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान को विशेष चालीस इंच की राखी समर्पित की जाएगी। राष्ट्र भाव विषय पर बनी चालीस इंच की इस सनातन राखी में राष्ट्र प्रथम के भाव होगा। वंदे मातरम् की 150 वर्ष की राखी के साथ ही भोजशाला में मां वाग्देवी की पुर्नस्थापना का संदेश भी समाहित किया गया है। इसके साथ ही महाकाल, भगवान जगन्नाथ भी दिखाई देंगे। इसमें धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास को कलाकार बारीक से उकेर कर अंतिम रूप दे रहे हैं।

मातुश्री पालरेचा परिवार द्वारा लगातार 24वें वर्ष राखी अर्पित की जा रही है। इसे कमल स्वरूप के साथ ही राष्ट्रीय संदेशों से संजोया जा रहा है। शांतु पालरेचा ने बताया कि इस पर धार्मिक प्रतीकों को उकेरा जा रहा है।


मां वाग्देवी के स्वरूप के माध्यम से लंदन संग्रहालय में रखी प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने के संकल्प का संदेश दिया गया है।

बाबा महाकाल के स्वरूप को आगामी सिंहस्थ और महाकाल लोक के प्रति बढ़ी आस्था से जोड़ा गया है। पुंडरीक पालरेचा के अनुसार भगवान जगन्नाथ का स्वरूप अटूट आस्था और जागृत धार्मिक चेतना का प्रतीक है, जबकि महालक्ष्मी के माध्यम से देशवासियों की सुख-समृद्धि और संपन्नता की कामना की गई है।

मां महाकाली को सनातन शक्ति और प्रभाव के प्रतीक के रूप में शामिल किया गया है।इसके लिए चार शहरों से सामग्री मंगाई गई जबकि ढाई महीने से तैयारी चल रही है।

इससे पूर्व गंगाजल, 12 ज्योतिर्लिंग, बेटी बचाओ, सत्यमेव जयते, भारतीय रुपया एवं वित्त, लड्डू राखी, शाकाहार संदेश, चार वेद, चार धाम, समुद्र मंथन और नवग्रह जैसे विषयों पर राखियां तैयार की जा चुकी हैं।