
धर्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव न्याय के देवता हैं जो मनुष्यों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि दोष है, तो आपको आर्थिक संकट, स्वास्थ्य हानि और कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। शनि रविवार को आपकी चाल में भी बदलाव करने जा रहे हैं।
शनि का गोचर होने से जीवन में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में साल 2026 में ग्रहों के गोचर और शनि की बदलती चाल के बीच कुछ विशेष उपाय आपके कष्टों को कम कर जीवन में खुशहाली ला सकते हैं। आइए इन्हें जानते हैं।
शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पुराने पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें काले तिल डालें। सात बार परिक्रमा करने से धन संबंधी समस्याएं समाप्त होती हैं।
यह शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है। एक बर्तन में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को दान कर दें। इससे शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
शनि देव बजरंगबली के भक्तों को पीड़ा नहीं देते। अतः हर शनिवार हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है।
शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाने से जीवन की रुकावटें दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलता है।
शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए जरूरतमंदों को काले कपड़े, उड़द की दाल, काले तिल या लोहे की वस्तुओं का दान करें। (सावधानी: शनिवार को स्वयं लोहा या तेल न खरीदें)।
रुद्राक्ष की माला से "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति और निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है।
शनि देव दीन-दुखियों की सेवा से प्रसन्न होते हैं। किसी गरीब को जूते-चप्पल या आवश्यक वस्तुओं का दान करना शनि देव की कृपा पाने का सरल मार्ग है।
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अस्वीकरण- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।