GDCA Seminar 2026: कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में अंपायरिंग और स्कोरिंग परीक्षा 11 जुलाई से, रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख कल
इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी राज्य स्तरीय अंपायरिं...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 03:02:46 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 03:03:23 PM (IST)
कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम फाइल फोटो।HighLights
- पंजीकरण का अंतिम मौका
- MPCA का टिकट
- सीखें खेल की बारीकियां
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। क्रिकेट के मैदान पर अंपायर और स्कोरर की भूमिका निभाकर करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) द्वारा आगामी 11 एवं 12 जुलाई 2026 को स्थानीय कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में अंपायरिंग एवं स्कोरिंग सेमिनार और परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
GDCA के सचिव विजयप्रकाश शर्मा ने बताया कि इस दो दिवसीय सेमिनार और परीक्षा का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं और खेल प्रशंसकों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है। इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी राज्य स्तरीय अंपायरिंग एवं स्कोरिंग परीक्षा के लिए किया जाएगा।
10 जुलाई तक कराएं पंजीकरण
इस सेमिनार और परीक्षा में भाग लेने के लिए पुरुष और महिला दोनों ही वर्ग के इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 तय की गई है। सभी इच्छुक प्रतिभागी 10 जुलाई तक GDCA कार्यालय में संपर्क कर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कर लें।
जानिए क्या होता है अंपायरिंग और स्कोरिंग सेमिनार एवं परीक्षा?
क्रिकेट केवल चौके-छक्के लगाने का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे नियमों की एक विस्तृत और जटिल किताब (Laws of Cricket) होती है। इसी तकनीकी पक्ष को मजबूत करने के लिए ऐसे सेमिनार आयोजित किए जाते हैं-
- नियमों की बारीकियां : इस सेमिनार में क्रिकेट के सभी 42 नियमों, खेल की बदलती परिस्थितियों, एलबीडब्ल्यू (LBW) के नियमों, नो-बॉल/वाइड बॉल के अंतर और मैदानी अनुशासन के बारे में विस्तार से सिखाया जाता है।
- आधुनिक स्कोरिंग तकनीक: क्रिकेट में डिजिटल और मैनुअल स्कोरिंग दोनों का बड़ा महत्व है। सेमिनार में सिखाया जाता है कि हर गेंद का सटीक रिकॉर्ड कैसे रखा जाए, डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम कैसे काम करता है और ऐप-बेस्ड लाइव स्कोरिंग कैसे की जाती है।
प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा: सेमिनार के बाद एक लिखित (Theory) और मौखिक/प्रैक्टिकल परीक्षा होती है। इसमें पास होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक तौर पर स्थानीय और जिला स्तर के मैचों में अंपायर या स्कोरर बनने की योग्यता पाते हैं। साथ ही, बीसीसीआई (BCCI) और स्टेट बोर्ड (MPCA) के लिए आगे बढ़ने का रास्ता यहीं से खुलता है। ( ये जानकारी सोशल मीडिया के अनुसार)