दिल्ली कैपिटल्स पर जीत दर्ज करने के बाद भी शुभमन गिल को मिली सजा, BCCI ने लगा दिया 12 लाख का जुर्माना
IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली पहली जीत का जश्न गुजरात टाइटंस के लिए थोड़ा फीका पड़ गया। टीम की शानदार जीत के बावजूद कप ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 09 Apr 2026 03:01:24 PM (IST)Updated Date: Thu, 09 Apr 2026 03:02:27 PM (IST)
शुभमन गिल पर लगा 12 लाख रुपये का जुर्मानाHighLights
- रोमांचक मैच में गुजरात ने दिल्ली को 1 रन से हराया
- गुजरात के कप्तान शुभमन गिल को मिली सजा
- BCCI ने गिल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली पहली जीत का जश्न गुजरात टाइटंस के लिए थोड़ा फीका पड़ गया। टीम की शानदार जीत के बावजूद कप्तान शुभमन गिल पर बीसीसीआई ने 12 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई निर्धारित समय के भीतर ओवर पूरे न करने यानी स्लो ओवर रेट के कारण की गई है।
क्यों लगा जुर्माना?
मैच के दौरान गुजरात टाइटंस की टीम तय समय सीमा में अपने 20 ओवर का कोटा पूरा करने में विफल रही। आईपीएल मीडिया एडवाइजरी के अनुसार, चूंकि यह इस सीजन में गिल और उनकी टीम का पहला अपराध था, इसलिए आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के तहत उन पर न्यूनतम 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
ऐसा रहा मैच का रोमांच
मैच की बात करें तो गुजरात ने दिल्ली को आखिरी गेंद पर महज 1 रन से हराकर सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की। 211 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स 8 विकेट खोकर 209 रन ही बना सकी। मैच का टर्निंग पॉइंट आखिरी ओवर रहा, जहां स्टार बल्लेबाज डेविड मिलर द्वारा सिंगल न लेने का फैसला दिल्ली पर भारी पड़ गया और मिलर अचानक हीरो से विलेन बन गए।
क्या है आईपीएल का 'स्लो ओवर रेट' नियम?
आईपीएल के नियमों के मुताबिक, एक पारी को ब्रेक और टाइम-आउट मिलाकर करीब 90 मिनट में खत्म करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर सजा के तीन चरण हैं। पहली गलती पर केवल कप्तान पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगता है।
दूसरी बार ऐसा होने पर कप्तान पर 24 लाख रुपये और टीम के बाकी खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25% या 6 लाख रुपये (जो भी कम हो) जुर्माना लगता है। साथ ही तीसरी बार यह गलती करने पर कप्तान पर 30 लाख रुपये का जुर्माना और एक मैच का प्रतिबंध, साथ ही टीम के अन्य सदस्यों पर भी भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।