MPCA ट्रायल में भारी अव्यवस्था: पिच पर उतरने से पहले ही 'गर्मी और कुप्रबंधन' से बोल्ड हुए नन्हें क्रिकेटर
एमपीसीए की इस नई योजना के तहत पूरे प्रदेश से ओपन ट्रायल के जरिए खिलाड़ी चुने जाने हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 11 Jun 2026 12:10:50 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jun 2026 12:11:28 PM (IST)
स्टेडियम में ट्रायल प्रक्रिया से जूझते बच्चे। सोशल मीडियाHighLights
- कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम ग्वालियर में आयोजित की गई है ट्रायल।
- 40 डिग्री पारे में 300 से अधिक बच्चे बेहाल, रेंगती रही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया।
- जीडीसीए सचिव ने दी सफाई, कहा-कल अंडर-15 ट्रायल में उठाए जाएंगे कड़े कदम।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) द्वारा अंडर-13 और अंडर-15 वर्ग में दो नई टीमें शामिल करने की पहल का स्वागत तो हुआ, लेकिन ग्वालियर में इसके चयन ट्रायल के पहले ही दिन जिम्मेदार प्रबंधन की पोल खुलकर सामने आ गई। ट्रायल के पहले चरण में ही छोटे-छोटे बच्चों को खेल से पहले भीषण गर्मी और प्रबंधन की लापरवाही से जूझना पड़ रहा है। कै. रूपसिंह स्टेडियम में गुरुवार को अंडर-13 बालक वर्ग के ट्रायल के दौरान भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं, जिससे बच्चों के अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा।
बच्चे भारी किट बैग के साथ धूप में बैठने को मजबूर
शहर में गर्मी अपने चरम पर है और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडरा रहा है। ऐसे झुलसाने वाले मौसम में ट्रायल देने के लिए नन्हें खिलाड़ी सुबह 8 बजे से ही स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि चिलचिलाती धूप से नन्हें क्रिकेटरों को बचाने के लिए छांव का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। बच्चे भारी किट बैग के साथ धूप में बैठने को मजबूर दिखे।
पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं
इतनी भीषण गर्मी के बावजूद स्टेडियम परिसर में बच्चों के लिए पीने के पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं की गई। स्टेडियम में मौजूद परिजनों ने प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "यह क्रिकेट का ट्रायल है, यहां सैकड़ों बच्चों का आना तय था। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया इतनी धीमी और लापरवाही से चल रही है। काउंटर पर टेबल बढ़ाई जानी चाहिए थीं, ताकि बच्चों को घंटों धूप में न खड़ा रहना पड़े।"
पहले दिन 300 से अधिक बच्चे पहुंचे
एमपीसीए की इस नई योजना के तहत पूरे प्रदेश से ओपन ट्रायल के जरिए खिलाड़ी चुने जाने हैं। ग्वालियर में पहले दिन 300 से अधिक बच्चे पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या के सामने प्रबंधन पूरी तरह बेबस और गैर-जिम्मेदार नजर आया। स्थिति यह हो गई कि बैट और गेंद से हुनर दिखाने से पहले इन मासूम बच्चों को 'गर्मी और अव्यवस्था का टेस्ट' देना पड़ रहा है। एमपीसीए प्रबंधन ने ट्रायल के लिए अंकित दाणे और समीर नायक को भेजा है।
एमपीसीए वर्ष 2026-27 से मल्टी-डे इंटर-डिविजनल टूर्नामेंट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 12 करने जा रहा है। इसी सिलसिले में ग्वालियर के कै. रूपसिंह स्टेडियम में ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। 11 जून को अंडर-13 बालक वर्ग का ट्रायल और 12 जून को अंडर-15 बालक वर्ग का ट्रायल होगा।
बड़ा सवाल... आज की बदइंतजामी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल शुक्रवार (12 जून) को होने वाले अंडर-15 के ट्रायल को लेकर खड़ा हो गया है। जब अंडर-13 के बच्चों को पीने के पानी और छांव के लिए तरसना पड़ा, तो क्या शुक्रवार को भी प्रबंधन इसी ढर्रे पर काम करेगा?
कल कड़े कदम उठाए जाएंगे: ट्रायल के दौरान अभिभावकों के मैदान तक पहुंचने से कुछ अव्यवस्था की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीयन प्रक्रिया धीमी नहीं है, बल्कि प्रत्येक खिलाड़ी के दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जा रहा है, जिसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। खिलाड़ियों के लिए ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को होने वाले अंडर-15 ट्रायल के दौरान बेहतर प्रबंधन और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। - विजयप्रकाश शर्मा, सचिव जीडीसीए