
स्पोर्ट्स डेस्क, नईदुनिया। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी का आज यानी 7 जुलाई को जन्मदिन (MS Dhoni Birthday) है। अपनी शांत कप्तानी, सटीक फैसलों और मैच फिनिश करने की क्षमता के दम पर धोनी ने विश्व क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कई ऐसे कीर्तिमान बनाए, जो आज भी रिकॉर्ड बुक का हिस्सा हैं और जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं माना जाता।
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अपने शांत स्वभाव और शानदार नेतृत्व के लिए मशहूर धोनी के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें आज भी तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है। आइए जानते हैं उनके पांच सबसे बड़े रिकॉर्ड।
एमएस धोनी के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक बार नाबाद लौटने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने अपने वनडे करियर में 84 बार नाबाद पारी खेली, जो उनकी बेहतरीन फिनिशिंग क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है।
विकेट के पीछे अपनी तेज़ी और शानदार ग्लव्स वर्क के लिए मशहूर धोनी ने 538 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 195 स्टम्पिंग की हैं। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा स्टम्पिंग का रिकॉर्ड है।
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धोनी टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों को मिलाकर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने कुल 332 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की। इनमें भारत ने 178 मुकाबले जीते, 120 हारे, 6 मैच टाई रहे और 15 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे। उन्होंने 200 वनडे, 72 टी20 इंटरनेशनल और 60 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की।
एमएस धोनी अब तक दुनिया के इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी। यह उपलब्धि आज भी उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल करती है।
धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज स्टम्पिंग का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने वेस्टइंडीज के कीमो पॉल को महज 0.08 सेकेंड में स्टम्प कर क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज स्टम्पिंग रिकॉर्ड बनाया। धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन उनके बनाए रिकॉर्ड और उपलब्धियां आज भी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल करती हैं।