
स्पोर्ट्स डेस्क, नईदिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार को कार्डिफ में खेले जा रहे दूसरे वनडे के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे उनके करियर का आखिरी मैच (Rohit Sharma Retirement Update) हो सकता है।
इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा होता है तो यह संयोग होगा कि जिस इंग्लैंड की धरती ने रोहित शर्मा के करियर को नई दिशा दी, वहीं उनके सफर के अंत की भी चर्चा हो रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के समय में रोहित शर्मा का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। इसी वजह से यह दावा किया जा रहा है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने भविष्य की योजनाओं को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं। इन दावों के बाद क्रिकेट जगत में रोहित के वनडे भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है।
रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बतौर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की थी। उस समय टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं थी और उन्हें लगातार अंदर-बाहर होना पड़ता था।
साल 2013 में इंग्लैंड में आयोजित आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान तत्कालीन कप्तान एमएस धोनी ने बड़ा फैसला लेते हुए रोहित शर्मा को शिखर धवन के साथ पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंपी। उस समय गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग टीम से बाहर हो चुके थे।
धोनी का यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित हुआ। रोहित और धवन की जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसी टूर्नामेंट के बाद रोहित टीम इंडिया के नियमित ओपनर बन गए और उन्हें 'हिटमैन' के रूप में नई पहचान मिली।
बतौर ओपनर मिली नई भूमिका ने रोहित शर्मा के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह वनडे और टी20 टीम के नियमित सदस्य बने, जबकि बाद में टेस्ट क्रिकेट में भी ओपनर के तौर पर सफल रहे।
साल 2019 में इंग्लैंड में खेले गए वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से पांच शतक निकले, जो एक ही विश्व कप में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक शतक हैं। भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा, हालांकि टीम खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद रोहित का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
इंग्लैंड की परिस्थितियों में रोहित शर्मा का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने इंग्लैंड में खेले गए सात मैचों में 524 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 40.30 रहा, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।
वनडे क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और भी बेहतर रहा है। इंग्लैंड में खेले गए 29 वनडे मैचों में रोहित ने 61.04 की औसत से 1465 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने सात शतक और सात अर्धशतक लगाए। भारत के बाद इंग्लैंड वह देश है जहां रोहित शर्मा ने सबसे अधिक वनडे शतक बनाए हैं।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने इंग्लैंड में 12 मैच खेलते हुए 33.50 की औसत और 133.46 के स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और एक अर्धशतक भी निकला।
रोहित शर्मा के करियर का सबसे अहम मोड़ इंग्लैंड की धरती पर आया था, जहां एमएस धोनी के फैसले ने उन्हें मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज से विश्व क्रिकेट के सबसे सफल ओपनरों में शामिल कर दिया। अब जब उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं, तो यह संयोग ही होगा कि उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां और संभावित आखिरी वनडे, दोनों का संबंधइंग्लैंड से जुड़ता दिखाई दे रहा है।