
स्पोर्ट्स डेस्क। मध्य प्रदेश के देवास जिले की 16 वर्षीय माही वर्मा इन दिनों पढ़ाई के साथ खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने की तैयारी कर रही हैं। कक्षा 11वीं की छात्रा माही आगामी एशियन गेम्स में भारत की ओर से नौकायन प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। जापान के नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स में वह भारतीय नौकायन दल की सबसे कम उम्र की महिला पैडलर हैं।
माही ने करीब चार साल पहले भोपाल स्थित नेशनल सेलिंग स्कूल (NSS) में नौकायन का प्रशिक्षण शुरू किया था। कम उम्र में ही तेज हवाओं और चुनौतीपूर्ण पानी में नौकायन का अनुभव हासिल करने वाली माही ने अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है।
माही की खेल यात्रा केवल उनकी प्रतिभा और मेहनत की कहानी नहीं है, बल्कि परिवार के बदलते नजरिये की भी मिसाल है। शुरुआत में उनके परिवार को इतनी कम उम्र में अकेले प्रतियोगिताओं के लिए यात्रा करने को लेकर चिंता रहती थी। लंबे समय तक पानी में रहने और अकेले यात्रा करने को लेकर परिजन स्वाभाविक रूप से चिंतित रहते थे।
माही के अनुसार, एक समय ऐसा था जब परिवार उन्हें प्रतियोगिताओं में अकेले जाने देने के पक्ष में नहीं था। हालांकि, उन्हें हमेशा अपने माता-पिता का समर्थन मिला। माता-पिता की चिंता का कारण उनकी कम उम्र और प्रतियोगिताओं के दौरान लंबे समय तक पानी में रहना था।
महज चार वर्षों में स्थानीय स्तर से एशियन गेम्स तक पहुंची माही की कहानी उनके समर्पण और निरंतर अभ्यास को दर्शाती है। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाते हुए वह अब नागोया में देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटी हैं। भारतीय नौकायन दल में सबसे कम उम्र की महिला पैडलर के रूप में माही पर सभी की नजरें रहेंगी।