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बिजली के झटके से चली गई थी आंखों की रोशनी, जापान में सीहोर के लाल ने जूडो में जीता कांस्य पदक

सीहोर के कपिल परमार ने जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में जूडो (70 किग्रा) में कांस्य पदक जीता है। दृष्टिबाधित कपिल ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर देश का मान बढ़ाया है।

By Akhilesh GuptaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 04:12:13 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 04:12:13 PM (IST)
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बिजली के झटके से चली गई थी आंखों की रोशनी, जापान में सीहोर के लाल ने जूडो में जीता कांस्य पदक
जापान में सीहोर के लाल ने जूडो में जीता कांस्य पदक। (नईदुनिया)

HighLights

  1. कपिल परमार ने एशियाई पैरा खेलों में जीता कांस्य।
  2. नागोया (जापान) में जूडो के 70 किग्रा वर्ग में पदक।
  3. इंडोनेशिया के खिलाड़ी को महज 1.9 मिनट में हराया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर। जापान के नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में सीहोर के खिलाड़ी कपिल परमार ने जूडो में कांस्य पदक जीता है। सोमवार को पुरुष जे-1 के 70 किग्रा भार वर्ग के मुकाबले में उन्होंने इंडोनेशिया के राफली अहनाफ शिदकी को महज 1.9 मिनट में शिकस्त दी।

कमजोर रोशनी को नहीं बनने दिया कमजोरी

  • कपिल सीहोर के पास मुर्दी गांव के रहने वाले हैं। उनकी मां धनकुंवरबाई और पिता रामसिंह परमार ने आसपास के बच्चों को मिठाई बांटकर जीत की खुशी मनाई। स्वजन ने बताया कि कपिल जब करीब 10-12 साल के थे, तब खेत में सिंचाई के दौरान उन्हें बिजली का झटका लगा था। दुर्घटना के बाद वह अचेत हो गए थे। अस्पताल में इलाज के बाद होश तो आ गया लेकिन देखने की क्षमता एकदम से कम हो गई।

  • कमजोर रोशनी को कपिल ने कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने जूडो को अपनी ताकत बनाया और पैरा खेलों के सितारे बनकर उभरे। कपिल 2017 से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहले वह 60 किग्रा भारवर्ग में उतरते थे। इस बार उन्होंने 70 किग्रा भारवर्ग में पदक जीता है।
  • मजदूरी कर बेटे को पाला-पोसा

    कपिल की ऐतिहासिक जीत के बाद सिहोर में मुर्दी स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है। उनकी मां धनकुंवरबाई ने कहा कि दूसरों के यहां मजदूरी की, खेतों में सोयाबीन काटी और कंडे (उपले) थाप-थापकर बेटे को पाला-पोसा। आज बेटे की इस सफलता पर बहुत गर्व है।

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    अगली बार लाऊंगा गोल्ड

    नईदुनिया से फोन पर बातचीत में कपिल ने कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आए थे, लेकिन कांस्य मिला। इसके लिए वह आभारी हैं। इस बार 70 किग्रा वर्ग में खेला था, जबकि पहले 60 में खेलता था। अगली बार 70 किग्रा वर्ग में ही गोल्ड लाऊंगा।

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