छत्तीसगढ़ के छोटे गांव से वर्ल्ड कप तक पहुंचीं कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी, शानदार प्रदर्शन पर मिले 50,00,000 रुपये
कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 19 Apr 2026 02:54:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 19 Apr 2026 03:05:13 PM (IST)
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टार संजू देवी को छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया 50 लाख सम्मानHighLights
- वर्ल्ड कप 2025 में बनीं मोस्ट वेल्युबल प्लेयर
- एशियन चैंपियनशिप में भी भारत को दिलाई जीत
- छोटे गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं संजू
स्पोर्ट्स डेस्क: रायपुर में आयोजित एक समारोह में कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। यह राशि राज्य सरकार की ओर से किसी खिलाड़ी को दी गई अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि है। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में उन्हें चेक सौंपा।
CG सरकार ने जताया गर्व
इस मौके पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि संजू देवी की उपलब्धियां छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता अन्य खिलाड़ियों, विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। साथ ही सरकार की ओर से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन
संजू देवी ने नवंबर 2025 में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप-2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ‘मोस्ट वेल्युबल प्लेयर’ का खिताब जीता। फाइनल मुकाबले में भारत के 35 अंकों में से 16 अंक अकेले संजू ने बनाए, जो उनकी निर्णायक भूमिका को दर्शाता है। इसके अलावा सेमीफाइनल और अन्य मैचों में भी उन्होंने लगातार शानदार खेल दिखाया।
एशियन चैंपियनशिप में भी योगदान
मार्च 2025 में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैंपियनशिप-2025 में भी संजू ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वहां भी टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी खिलाड़ी हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार की रहने वाली 23 वर्षीय संजू देवी एक श्रमिक परिवार से आती हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया। जुलाई 2023 से वे बिलासपुर के बहतराई स्थित आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं, जहां उनके खेल को नई दिशा मिली। उनकी कहानी जुनून, अनुशासन और निरंतर संघर्ष का प्रतीक है, जो उन्हें गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले गई।