
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तानसेन की नगरी अब तकनीकी प्रेमी निवेशकों की नगरी भी बनती जा रही है। शहर के युवा प्रोफेशनल्स, आईटी एक्सपर्ट्स और छात्र अब पारंपरिक ब्रोकर या वित्तीय सलाहकारों के बजाय अपने मोबाइल में मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एप्स पर भरोसा करने लगे हैं। ये एप्स बाजार के जटिल डेटा का विश्लेषण कर निवेश से भारी मुनाफे का दावा करते हैं, लेकिन वित्तीय और साइबर विशेषज्ञ इस बढ़ते ट्रेंड को जोखिम भरा मान रहे हैं।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा क्रेज
शहर के कई युवा निवेशकों का मानना है कि एआई टूल्स बिना किसी मानवीय पक्षपात के निर्णय लेते हैं। ये कुछ ही सेकंड में हजारों चार्ट्स और वैश्विक खबरों का विश्लेषण कर लेते हैं। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से ग्वालियर के निवेशकों को ऐसे एआई बॉट्स के लिंक भी भेजे जा रहे हैं, जो तेज मुनाफे का दावा करते हैं। एक क्लिक पर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की सुविधा भी इसे आकर्षक बना रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट आशीष पारेख और अन्य वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि एआई केवल ऐतिहासिक डेटा के आधार पर काम करता है। जबकि शेयर बाजार केवल आंकड़ों से नहीं चलता, बल्कि जियो-पॉलिटिकल हालात और निवेशकों की भावनाओं पर भी निर्भर करता है, जिसे एआई पूरी तरह समझ नहीं सकता। तकनीकी खराबी या गलत डेटा इनपुट के कारण ऐसे टूल्स निवेशकों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
फर्जी एप्स का भी खतरा
हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नकली एआई ट्रेडिंग एप्स के जरिए निवेशकों से ठगी की गई। ठग आकर्षक इंटरफेस वाले एप बनाकर शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाते हैं, लेकिन जैसे ही निवेशक बड़ी रकम लगाते हैं, एप और पैसा दोनों गायब हो जाते हैं। इसलिए किसी भी निवेश एप को डाउनलोड करने से पहले यह जांच लेना जरूरी है कि वह सेबी में पंजीकृत है या नहीं।
निवेशकों के लिए जरूरी टिप्स
पूरी तरह निर्भर न रहें: एआई को केवल एक टूल की तरह इस्तेमाल करें, अंतिम निर्णय अपनी समझ से लें।
बैक-टेस्टिंग करें: एप की सलाह पर निवेश करने से पहले उसकी पिछली भविष्यवाणियों की सटीकता जांचें।
वित्तीय क्षमता का आकलन करें: अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।
विशेषज्ञ से सलाह लें: समय-समय पर मान्यता प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से चर्चा करना बेहतर होता है।