
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज (जेईसी) के बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने एक अभिनव डिजिटल ब्रेन रोबोट विकसित किया है, जो टेक्स्ट और वाइस दोनों माध्यमों में संवाद करने और सवालों के सटीक जवाब देने में सक्षम है। कालेज की एआइ रिसर्च टीम से जुड़े बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र देवर्षि दीक्षित और संस्कृति जैन इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। रोबोट कन्वर्सेशनल डिजिटल ब्रेन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पर कार्य करता है। रोबोट में ऐसे फीचर्स फीड किए गए हैं, जो जवाब सुनते ही सवाल तैयार कर देते हैं। रोबोट में अभी अन्य फीचर्स भी फीड करने हैं। इससे साक्षात्कार आदि का काम आसान हो जाएगा।
इसकी सबसे बड़ी विशेषता
डॉ. आज्ञा मिश्रा ने बताया कि उन्नत ब्रेन प्रोग्रामिंग और मल्टी-मोड डायलाग क्षमता इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिससे यह लिखित (टेक्स्ट) और मौखिक (वायस) दोनों इनपुट को समझकर उत्तर देता है। रोबोट को इस तरह प्रोग्राम किया गया है कि वह पूछे गए प्रश्न का संदर्भ समझकर तार्किक और संगत जवाब प्रदान करे। ब्रेन प्रोग्रामिंग आधारित यह एआइ रोबोट भविष्य में स्मार्ट असिस्टेंट, शैक्षणिक ट्यूटर, हेल्थकेयर सपोर्ट सिस्टम और स्वचालित सूचना प्रणाली जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है। इस पर अभी भी तकनीकी परीक्षण और सुधार की प्रक्रिया जारी है।
रोबोट अंग्रेजी में संवाद करने में सक्षम
वर्तमान में रोबोट का परीक्षण लैपटाप आधारित प्रारूप पर किया जा रहा है। एआइ एल्गोरिद्म और कोडिंग को लगातार परिष्कृत किया जा रहा है, ताकि इसकी उत्तर देने की गति (रिस्पांस टाइम) और सटीकता में सुधार हो सके। बातचीत के दौरान लगने वाले समय का विश्लेषण कर सिस्टम को और अधिक कुशल बनाया जा रहा है। टीम विशेष रूप से रिस्पांस टाइम आप्टिमाइजेशन और डाटा प्रोसेसिंग स्पीड पर काम कर रही है, जिससे यह रियल-टाइम संवाद में और प्रभावी बन सके। फिलहाल रोबोट अंग्रेजी भाषा में संवाद करने में सक्षम है, लेकिन भविष्य में इसे हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में भी सक्षम बनाने की योजना है।
बहुभाषी एआइ प्लेटफार्म बनाना उद्देश्य
टीम का उद्देश्य इसे बहुभाषी (मल्टीलिंगुअल) एआइ प्लेटफार्म के रूप में विकसित करना है, जिससे इसका उपयोग शिक्षा, ग्राहक सेवा, तकनीकी सहायता और शोध जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सके। इस परियोजना के मार्गदर्शन में एआइ एंड डेटा साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आज्ञा मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट छात्रों की नवाचार क्षमता और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके अनुसार इस प्रकार के प्रायोगिक प्रोजेक्ट न केवल विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-रेडी बनाते हैं, बल्कि कॉलेज में अनुसंधान संस्कृति को भी मजबूत करते हैं।
कई क्षेत्रों में उपयोगी
डॉ. आज्ञा मिश्रा, एचओडी, एआइ एंड डीएस जेईसी का कहना है कि ब्रेन प्रोग्रामिंग आधारित यह एआई रोबोट भविष्य में स्मार्ट असिस्टेंट, शैक्षणिक ट्यूटर, हेल्थकेयर सपोर्ट सिस्टम और स्वचालित सूचना प्रणाली जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है। इस पर अभी भी तकनीकी परीक्षण और सुधार की प्रक्रिया जारी है। जेईसी के इस नवाचार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जबलपुर के युवा तकनीकी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। आने वाले समय में यह डिजिटल ब्रेन रोबोट तकनीकी जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभर सकता है।
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