डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल अब देश के सबसे बड़े हाईटेक इंडस्ट्रियल मैप पर अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्वालियर स्थित साडा क्षेत्र के ग्राम कुलैथ और सौजना में टेलीकॉम मेन्युफेक्चरिंग जोन की स्थापना की जा रही है। इस जोन के विकास पर सरकार एक हजार से 1500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और बदले में यहां आने वाली कंपनियों से 12000 करोड़ रुपये का निवेश कराने की योजना बना रही है।
इस टेलीकाम मेन्युफेक्चरिंग जोन में अत्याधुनिक प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ 5जी व 6जी टेक्नोलाजी, सेमीकंडक्टर चिप्स, स्मार्टफोंस और आप्टिकल फाइबर उपकरणों के निर्माण व रिसर्च के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का इकोसिस्टम तैयार होगा। एरिक्सन, डिक्सन और आईबीएम जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों की दिलचस्पी और प्रस्तावित आगरा-ग्वालियर ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की शानदार कनेक्टिविटी इस प्रोजेक्ट को रफ्तार दे सकती है।
काउंटर मैग्नेट सिटी की लगभग 100 एकड़ भूमि को उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित कर इसका रास्ता साफ कर दिया गया है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। खास बात यह है कि यह जोन देश में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर, आंध्रप्रदेश का तिरुपति, उत्तरप्रदेश का नोएडा, कर्नाटक का बेंगलुरु के बाद पांचवां व प्रदेश का पहला होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में 30 जुलाई को नई दिल्ली में मप्र के उद्योग विभाग और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के साथ इस प्रोजेक्ट के लिए एमओयू होगा।
कितना होगा सरकारी व निजी निवेश
प्रदेश सरकार द्वारा साडा क्षेत्र में जमीन हस्तांतरण के साथ-साथ इस जोन के मूलभूत ढांचे जैसे एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, ड्रेनेज, प्लग एंड प्ले शेड और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी को विकसित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये से 1500 करोड़ रुपये तक का प्रारंभिक सरकारी निवेश किया जा रहा है।
निजी व औद्योगिक निवेश की उम्मीद
इस जोन में लगने वाली वैश्विक व राष्ट्रीय कंपनियों के माध्यम से ग्वालियर में 12,000 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम पूंजी निवेश की योजना प्रस्तावित की गई है।
लॉजिस्टिक्स का बड़ा फायदा
साडा क्षेत्र के पास प्रस्तावित आगरा-ग्वालियर ग्रीन कारिडोर एक्सप्रेसवे से आगरा और ग्वालियर की दूरी महज 50 मिनट रह जाएगी। इससे निर्मित उत्पादों को बंदरगाहों व दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान व सस्ता होगा।
रोजगार के नए अवसर
इसके विकसित होने पर रिसर्च एंड डवलपमेंट लैब्स, चिप मेन्युफेक्चरिंग, मोबाइल असेंबलिंग यूनिट्स और साफ्टवेयर और हार्डवेयर डिजाइनिंग में तीन हजार से अधिक आइटी, इलेक्ट्रानिक्स व इंजीनियरिंग स्नातकों और कुशल तकनीशियनों को सीधे रोजगार मिलेगा। साथ ही लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग, कैटरिंग, सिक्योरिटी, मेंटेनेंस और स्थानीय वेंडर्स के दो हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अभी साडा की जमीन की हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इस टेलीकाम मेन्युफेक्चरिंग जोन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाइटेक प्लग एंड प्ले माडल पर विकसित करने की सरकार की योजना है। जिससे कंपनियां यहां आकर अपना सीधे मशीन लगाकर उत्पादन शुरू कर सकें। - अनिषा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी ग्वालियर