यूपी में रसोई गैस ग्राहकों के लिए सहूलियत, हॉकर घर-घर जाकर पूरी करेंगे ई-केवाईसी
उत्तर प्रदेश में उन रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, जिन्होंने अब तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराई है।
Publish Date: Tue, 18 Aug 2026 12:29:27 PM (IST)Updated Date: Tue, 18 Aug 2026 12:30:41 PM (IST)
HighLights
- 16 अगस्त है डेडलाइन, युद्ध स्तर पर चल रहा काम
- ग्राहकों को गैस एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं
- डिलीवरी करने वाले हॉकर घर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कर रहे
डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में उन रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, जिन्होंने अब तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराई है। अब ग्राहकों को गैस एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, बल्कि डिलीवरी करने वाले हॉकर खुद उनके घर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। घर बैठे यह सुविधा मिलने से उपभोक्ताओं में काफी खुशी है।
16 अगस्त है डेडलाइन, युद्ध स्तर पर चल रहा काम
इंडियन ऑयल के उप महाप्रबंधक रवि कुमार चंदेरिया ने बताया कि तेल कंपनियों ने 16 अगस्त तक हर हाल में सभी ग्राहकों की ई-केवाईसी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में गैस एजेंसियों ने उन ग्राहकों की सूची तैयार की है, जिनकी केवाईसी पेंडिंग है।
गोरखपुर में छात्रसंघ चौराहा स्थित सुशील गैस सर्विस के प्रबंधक उमेश मणि त्रिपाठी ने भी स्पष्ट किया कि जिन ग्राहकों का काम बचा है, उनकी लिस्ट संबंधित क्षेत्रों के हॉकरों को सौंप दी गई है ताकि वे डोर-टू-डोर जाकर इसे पूरा कर सकें।
ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा नुकसान?
अगर कोई ग्राहक समय पर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। केवाईसी के अभाव में ग्राहक की सब्सिडी तुरंत प्रभाव से रोक दी जाएगी। घरेलू गैस केवाईसी न होने पर ग्राहकों को वाणिज्यिक (कमर्शियल) दरों पर खरीदना पड़ सकता है।
क्या है इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य?
तेल कंपनियों द्वारा ग्राहकों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है। इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद वास्तविक उपभोक्ताओं की सही पहचान करना। सिस्टम में मौजूद फर्जी कनेक्शनों को हमेशा के लिए हटाना और यह सुनिश्चित करना कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ सीधे और सही लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचे।