प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना उफान पर, कई मोहल्लों में घुसा पानी, सैकड़ों ने छोड़े घर
गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रयागराज में चिंता बढ़ा दी है। दोनों नदियों का पानी अब शहर के निचले इलाकों तक पहुंचने लगा है।
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 03:26:55 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 03:29:02 PM (IST)
HighLights
- खतरे के निशान की ओर बढ़ रहीं गंगा-यमुना
- एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात
- राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया गया
डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रयागराज में चिंता बढ़ा दी है। दोनों नदियों का पानी अब शहर के निचले इलाकों तक पहुंचने लगा है। नेवादा, गंगानगर, राजापुर, बेली, चिल्ला, छोटा बघाड़ा और दारागंज समेत कई तटीय मोहल्लों की दर्जनों गलियां पानी में डूब गई हैं।
कई घरों में भी बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल दो राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दलों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
खतरे के निशान की ओर बढ़ रहीं गंगा-यमुना
मंगलवार सुबह भी दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह गंगा का जलस्तर 82.88 मीटर, जबकि यमुना का जलस्तर 82.39 मीटर पहुंच गया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के साथ विभिन्न बांधों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों में उफान की स्थिति बनी हुई है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्र में हुई बारिश का पानी यमुना में पहुंच रहा है। इसके अलावा माताटीला और हथिनीकुंड बांधों से भी यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे प्रयागराज में यमुना के जलस्तर पर दबाव बढ़ रहा है।
गंगा में भी बढ़ रहा पानी
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के चलते गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। कानपुर बैराज, हरिद्वार बैराज और नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़े जाने का असर प्रयागराज में भी दिखाई दे रहा है।
उधर, टोंस और बेलन नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। टोंस नदी में रीवा स्थित बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात
एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा जिला आपदा अधिकारी विनीता सिंह के अनुसार, निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और पीएसी (PAC) की बाढ़ राहत टीमों को तैनात किया गया है।
प्रशासन के मुताबिक शहर के आठ स्थानों पर नावों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा मेजा, करछना और झूंसी में भी पांच स्थानों पर नावें उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन की टीमें जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं।