काशी की 'पहली रसोई' पर गैस संकट का साया, अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में नहीं बना प्रसाद; खाली हाथ लौटे हजारों भक्त
काशी के प्रसिद्ध अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की बांसफाटक स्थित शाखा में शनिवार को गैस की कमी के कारण भोजन प्रसाद बनाना बंद करना पड़ा। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 14 Mar 2026 04:14:07 PM (IST)Updated Date: Sat, 14 Mar 2026 04:14:07 PM (IST)
काशी की 'पहली रसोई' पर गैस संकट का सायाHighLights
- गैस की कमी से काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की रसोई बंद
- प्रसाद न मिलने से कई श्रद्धालु मायूस होकर लौटे
- रोज करीब 10 हजार लोगों को मिलता है निःशुल्क भोजन
डिजिटल डेस्क। काशी के प्रसिद्ध अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की बांसफाटक स्थित शाखा में शनिवार को गैस की कमी के कारण भोजन प्रसाद बनाना बंद करना पड़ा। लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब यहां भक्तों के लिए भोजन सेवा रुक गई। रसोई बंद होने से कई श्रद्धालुओं को बिना प्रसाद के ही लौटना पड़ा, जिससे उनमें निराशा देखने को मिली।
काशी की पहली रसोई
अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र को काशी की पहली रसोई माना जाता है, जहां आने वाले हर श्रद्धालु को निःशुल्क भोजन प्रसाद मिलता है। लेकिन एलपीजी सिलेंडर खत्म होने के कारण शनिवार को यहां भोजन तैयार नहीं हो सका। प्रबंधन के अनुसार, गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से यह स्थिति बनी है और समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रतिदिन हजारों भक्त प्रसाद के रूप में भोजन
यह अन्नक्षेत्र श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों भक्त प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे में रसोई बंद होने से न केवल श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं, बल्कि अन्नक्षेत्र प्रबंधन के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है।
बताया जाता है कि काशी में अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की दो शाखाएं संचालित हैं, एक कालिका गली में अन्नपूर्णा मंदिर के पास और दूसरी बांसफाटक में। यहां रोजाना करीब 10 हजार लोगों को निःशुल्क भोजन कराया जाता है। भोजन में आमतौर पर सांभर, चावल, दो तरह की सब्जी, अचार, पापड़, दही और मिठाई परोसी जाती है।