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यूपी में डिजिटल होगी जनगणना... शहर से गांव तक हर सुविधा का बनेगा रिकॉर्ड, मोबाइल ऐप से होगा सर्वे

इसके लिए 'जिला जनगणना हस्तपुस्तिका' (डीसीएचबी) तैयार करने का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक पुस्तिकाएं बनाई...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 19 Jul 2026 03:46:23 PM (IST)Updated Date: Sun, 19 Jul 2026 03:46:23 PM (IST)
यूपी में डिजिटल होगी जनगणना... शहर से गांव तक हर सुविधा का बनेगा रिकॉर्ड, मोबाइल ऐप से होगा सर्वे
यूपी में डिजिटल होगी जनगणना (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. यूपी में जनगणना-2027 के तहत हर क्षेत्र का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
  2. 'डीसीएचबी-2027' मोबाइल ऐप के माध्यम से जुटाया जाएगा सारा डेटा
  3. विकास योजनाओं और सरकारी नीति निर्माण का मुख्य आधार बनेगा यह डेटा

एजेंसी, गोरखपुर। आगामी जनगणना-2027 के तहत उत्तर प्रदेश के जिलों में विकास की नई रूपरेखा तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत गोरखपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा ढांचागत सुविधाओं का पूरा ब्योरा एक साझा दस्तावेज में संकलित किया जाएगा।

इसके लिए 'जिला जनगणना हस्तपुस्तिका' (डीसीएचबी) तैयार करने का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक पुस्तिकाएं बनाई जाएंगी। 1951 से लगातार जारी यह प्रामाणिक दस्तावेज भविष्य में सरकारी योजनाओं, औद्योगिक निवेश और नीति निर्धारण का मुख्य जरिया बनेगा।


पूरी तरह पेपरलेस होगा अभियान, ऐप से रखी जाएगी नजर

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विलेज डायरेक्टरी और नगरीय क्षेत्रों के लिए टाउन डायरेक्टरी के प्रपत्रों को 'डीसीएचबी-2027' नामक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए भरा जाएगा। डेटा की विश्वसनीयता और सटीकता बनाए रखने के लिए इस पूरे सर्वेक्षण की इंटरनेट के माध्यम से रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी। इसके लिए सर्वे टीम में शामिल कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

दो खंडों में सामने आएगी विकास की वास्तविक तस्वीर

यह महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज दो विशिष्ट भागों में विभाजित होगा...

  • भाग-अ: इसमें जिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भौगोलिक बनावट, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, प्रमुख उद्योगों और परिवहन तंत्र के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं का विवरण होगा।
  • भाग-ब: इसके तहत नवीनतम जनगणना के आधार पर गांव और वार्डवार आबादी, परिवारों की संख्या, लिंगानुपात, मानचित्र तथा अन्य सांख्यिकीय आंकड़े प्रदर्शित किए जाएंगे।

इस व्यवस्थित डेटा से यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि किन क्षेत्रों में स्कूल, चिकित्सालय, पक्की सड़कें, बैंक अथवा आंगनबाड़ी केंद्रों की सबसे ज्यादा कमी है, जिससे वहां प्राथमिकता के आधार पर बजट आवंटित किया जा सके।

आगामी चरणों की तैयारी

राज्य में वर्ष 2026 के दौरान स्व-गणना और हाउस लिस्टिंग का पहला चरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण की तैयारी के रूप में धरातल से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। वर्ष 2027 में होने वाली अंतिम जनसंख्या गणना के बाद इस हस्तपुस्तिका का औपचारिक प्रकाशन किया जाएगा।

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इस हस्तपुस्तिका में जिले के प्रत्येक छोटे-बड़े क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं का प्रामाणिक रिकॉर्ड रहेगा। सर्वे कर्मी सीधे फील्ड से डेटा मोबाइल ऐप पर अपलोड करेंगे और इस पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। - जयप्रकाश, नोडल अधिकारी जनगणना/एडीएम (वित्त एवं राजस्व)