
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के कानपुर से बाल यौन शोषण से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। चमनगंज क्षेत्र के एक युवक पर अपनी नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की 8 से 10 वर्ष की बच्चियों और पड़ोस की लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें गूगल ड्राइव में सुरक्षित रखने का आरोप है।
गूगल के सुरक्षा ट्रैकिंग सिस्टम ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कंटेंट का पता लगाकर इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को भेजी। इसके बाद साइबर टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी का मोबाइल नंबर ट्रेस किया। उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो गूगल ड्राइव में छिपाकर रखे थे। गूगल के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध सामग्री की पहचान कर इसकी जानकारी राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (National Center for Missing & Exploited Children - NCMEC) के पोर्टल पर भेजी, जहां से शिकायत संबंधित एजेंसियों तक पहुंची।
शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी के मोबाइल नंबर का पता लगाया। उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की जा रही है।
एडीसीपी के अनुसार, राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र का पोर्टल लापता बच्चों की तलाश, बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की पहचान और ऐसे अपराधों को रोकने में संबंधित एजेंसियों की मदद करता है। इसी सिस्टम के जरिए इस मामले का खुलासा संभव हो सका।