यूपी में 220 नई दुग्ध समितियां बनेंगी, मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट होगा स्थापित
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में पशुधन और दुग्ध विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही निराश्रित गोवंशी के संरक्षण और रखरखाव पर भी ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Feb 2026 04:34:23 PM (IST)Updated Date: Thu, 12 Feb 2026 04:35:12 PM (IST)
यूपी में 220 नई दुग्ध समितियां बनेंगी, मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट स्थापित होगाHighLights
- निराश्रित गोवंशी संरक्षण को 2000 करोड़ का प्रावधान
- पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ रुपये
- पशुधन और दुग्ध विकास को विशेष प्राथमिकता दी
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में पशुधन और दुग्ध विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही निराश्रित गोवंशी के संरक्षण और रखरखाव पर भी खास जोर दिया गया है।
दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण और पुनर्जीवन की योजना के तहत 220 नई दुग्ध समितियों के गठन तथा 450 समितियों के पुनर्गठन के लिए 107 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट स्थापित होगा
मथुरा में पहले प्रस्तावित 30 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली डेयरी परियोजना को संशोधित कर अब एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के लिए 23 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
निराश्रित गोवंशी के भरण-पोषण के लिए बजट में 2,000 करोड़
निराश्रित गोवंशी के भरण-पोषण के लिए बजट में 2,000 करोड़ रुपये तथा वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ रुपये और पशु चिकित्सालयों व पशु सेवा केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट की स्थापना
पहली बार भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम ‘पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना’ के तहत मोबाइल वेटरनरी यूनिट की स्थापना को भी शामिल किया गया है। केंद्र सरकार की ‘सेंटर फॉर एडवांस्ड रिप्रोडक्शन एंड एक्सीलेंस (CARE)’ तथा ‘टेस्टिंग, रिसर्च एंड एनिमल केयर (TREC)’ केंद्रों के लिए राज्य सरकार ने 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के लिए 50 करोड़
इसके अलावा बकरी प्रक्षेत्रों की स्थापना, विकास एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 9.19 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
साथ ही, पशुधन विकास प्रशिक्षण केंद्र चगेरवां (बस्ती) के संचालन, प्रादेशिक पशुधन मिशन तथा पशु प्रजनन सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।