अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के बाद अब यूपी की राजधानी में हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी
अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने के बाद अब राजधानी के बीरबल साहनी मार्ग संकट हरन पंचमुखी हनुमान मंदिर से बड़ा हाथ मारा गया है।
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 05:48:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 05:50:04 PM (IST)
HighLights
- बीरबल साहनी मार्ग संकट हरन पंचमुखी हनुमान मंदिर में चोरी
- चोरी हुई सामग्री की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये आंकी गई
- कल ही हुई थी दान पात्रों में चढ़ावे की रकम की गणना
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने के बाद अब राजधानी के बीरबल साहनी मार्ग संकट हरन पंचमुखी हनुमान मंदिर से बड़ा हाथ मारा गया है। रविवार रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के दरवाजों (चैनल) में लगे ताले काटकर चांदी के कई मुकुट और छत्र को चोरी किया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चोरी हुए चांदी के छत्र और मुकुट का वजन दस किलोग्राम के करीब है।
सोमवार सुबह जब पुजारी मंदिर के पट खोलने पहुंचे तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। मंदिर प्रबंधन की तरफ से पुलिस से शिकायत की गई है। महानगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
चोरी हुई सामग्री की अनुमानित कीमत 35 लाख आंकी गई
चोरी हुई सामग्री की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये आंकी गई है। बीरबल साहनी मार्ग पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में भगवान गणेश के साथ ही अन्य मूर्तियां भी हैं। रविवार की रात लगभग दो बजे मंदिर के मुख्य द्वार पर लगा ताला तोड़कर अज्ञात चोर अंदर पहुंचे। गर्भ गृह और उसके पहले बने दो अन्य छोटे मंदिरों के ताले भी तोड़ दिए।
इसके बाद भगवान गणेश, पंचमुखी हनुमान, राम दरबार की प्रतिमाओं के ऊपर लगे छत्र और मुकुट निकाल लिए। चोर मंदिर में लगे सीसी कैमरों के डीवीआर भी चोरी कर ले गए।
पुजारी मंदिर के पट खोलने पहुंचे तो ताला टूटा मिला
सोमवार सुबह 5:30 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी दिनेश कुमार दीक्षित जब मंदिर के पट खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा मिला और सामान भी बिखरा हुआ था। अंदर पहुंचे तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। घटना की सूचना उन्होंने मंदिर के अन्य कर्मियों और पुलिस को दी।
महानगर पुलिस, फारेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की है। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मंदिर के प्रबंधक प्रदीप कुमार शर्मा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए तीन टीम गठित की गई है।
कल ही हुई दान पात्रों में चढ़ावे की रकम की गणना
पुलिस के मुताबिक, चोरों ने मंदिर के दान पात्र नहीं खोले थे। रविवार को ही दान पात्रों से रकम निकालकर उसकी गणना की गई है। माना जा रहा है कि चोरों को यह पता था कि दान पात्रों में रकम नहीं है। इसी वजह से उन्होंने दान पात्र नहीं खोले हैं। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
उच्चाधिकारियों की तरफ से सावन महीने में मंदिरों की विशेष सुरक्षा के निर्देश जारी किए जा चुके हैं लेकिन चौकी से कुछ ही मंदिर से हुई चोरी की घटना ने निर्देशों की पोल खोल दी है।