
डिजिटल डेस्क। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित दहतोरा की रेणुका धाम कॉलोनी में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की थी। हत्या के बाद उसने अकेले ही शव को घर के बाथरूम में दफनाकर ऊपर से मिट्टी, गिट्टी और सीमेंट डलवाकर पक्का फर्श बनवा दिया। घटना के करीब 45 दिन बाद मामला सामने आया। पुलिस ने 14 घंटे तक पूछताछ के बाद आरोपित महिला को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
पुलिस पूछताछ के दौरान शुरुआत में रूबी लगातार बयान बदलती रही, लेकिन लंबे समय तक पूछताछ के बाद उसने हत्या और शव छिपाने की पूरी कहानी स्वीकार कर ली। पूछताछ के दौरान वह कई बार भावुक होकर रोती रही। कभी उसे अपनी दोनों बेटियों की चिंता सताती रही तो कभी अपने भविष्य की। उसने पुलिस से कहा कि यदि वह पति के साथ रहती तो उसकी जिंदगी जेल से भी बदतर होती।
महिला पुलिसकर्मियों के अनुसार, जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना विस्तार से बताई। घटना स्वीकार करने के बाद वह आत्मग्लानि में लगातार रोती रही।
मामले का खुलासा होने के बाद परिवार भी सदमे में है। पिता की हत्या की जानकारी मिलने पर रूबी की बेटियों ने मां से मिलने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जिसने उनके पिता की हत्या की, उससे वे बात नहीं करना चाहतीं।
रूबी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से पति की मारपीट और प्रताड़ना झेल रही थी। उसके अनुसार, वह रोजाना की हिंसा की अभ्यस्त हो चुकी थी। इसी वजह से उसने यह कठोर कदम उठाया। पुलिस के सामने उसने हत्या से लेकर शव को बाथरूम में दफनाने और फर्श बनवाने तक की पूरी घटना क्रमवार बताया।
रूबी के अनुसार, 17 मई की रात उसने पति सुरेंद्र शर्मा को खीर में नींद की गोलियां मिलाकर दी थीं। रात करीब तीन बजे उसने उठकर देखा तो पति के शरीर में कोई हरकत नहीं थी और सांसें भी बंद थीं। उसी कमरे में उनकी 13 वर्षीय बेटी प्राची और नौ वर्षीय बेटी सिद्धि सो रही थीं, जबकि दूसरे कमरे में सास कमला मौजूद थीं।
सुबह होने पर उसने दोनों बेटियों को सास के पास भेज दिया। इसके बाद उसने अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन कर बुलाया, लेकिन उन्हें घर के भीतर नहीं आने दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न हो सके।
रूबी ने पुलिस को बताया कि उसने घर के बाथरूम के कच्चे फर्श को खुद खोदा और पति के शव को घसीटकर उसमें डाल दिया। इसके बाद कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति के माध्यम से 600 रुपये की मिट्टी मंगाई और शव को पूरी तरह ढंक दिया। बाद में उसने गिट्टी, मोरंग और सीमेंट भी मंगवाया। फर्श समतल करने का काम भी उसने खुद किया ताकि किसी को शक न हो।
शव दफनाने के बाद रूबी ने दहतोरा निवासी राजमिस्त्री रवि को फोन कर बाथरूम का फर्श बनाने के लिए बुलाया। शाम करीब 6:30 बजे रवि एक मजदूर के साथ घर पहुंचा। बाथरूम में मिट्टी ऊंची-नीची होने पर रूबी ने उसे खुद समतल किया। इसके बाद मिस्त्री ने फर्श पर प्लास्टर कर दिया और 500 रुपये लेकर वहां से चला गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि राजमिस्त्री और मजदूर को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि बाथरूम के नीचे शव दफन है। पूछताछ के बाद दोनों को निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया गया।
मृतक के बड़े भाई अनिल शर्मा ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र शर्मा बागेश्वर धाम के भक्त थे और दो वर्ष पहले वहां से दीक्षा ले चुके थे। वह अक्सर वहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने जाते थे।
हत्या के बाद रूबी ने परिवार को बताया कि सुरेंद्र बागेश्वर धाम जाने की बात कह रहे थे। इसके बाद परिवार के कहने पर वह अपनी बड़ी बेटी के साथ बागेश्वर धाम भी गई और अगले दिन लौटकर बताया कि वहां भी सुरेंद्र नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, यह परिवार को भ्रमित करने की कोशिश थी।
पुलिस ने रूबी के मोबाइल फोन की जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले। जांच में परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से संदिग्ध बातचीत सामने नहीं आई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रूबी ने पहले दावा किया था कि उसने हत्या के तरीके इंटरनेट पर खोजे थे, लेकिन बाद में इससे इनकार कर दिया। मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में भी ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला। बाथरूम से बरामद कंकाल का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि अब तक की जांच में घटना में मृतक की पत्नी रूबी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। महिला की निशानदेही पर शव की बरामदगी इस मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य है। कंकाल का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।