अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चोरी के आठों आरोपित गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल, सीओ आशुतोष त्रिपाठी करेंगे जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण (Ayodhya Ram Mandir offering theft case) में आठों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 06:12:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 06:15:02 PM (IST)
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठों आरोपित गिरफ्तार।HighLights
- तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया
- सोमवार को सभी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा
- पुलिस पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड मांग सकती है
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण (Ayodhya Ram Mandir offering theft case) में कार्रवाई तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपितों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अब पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी गई है।
गिरफ्तार आरोपितों को फैजाबाद स्थित स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस ने किसी भी आरोपित की कस्टडी रिमांड नहीं मांगी है। मोहर्रम अवकाश के चलते विशेष रिमांड कोर्ट में सुनवाई हुई। अब सोमवार को सभी आरोपितों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
आठ नामजद आरोपित जेल भेजे गए
इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। एफआईआर में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
टिन्नू यादव की भूमिका पर सबसे अधिक फोकस
जांच एजेंसियों के अनुसार सभी आरोपितों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है। इनमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। जांच में उसकी भूमिका और अन्य आरोपितों के साथ उसके संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया और बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अब केवल चोरी की घटना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी जिन्होंने आरोपितों की नियुक्ति या उन्हें जिम्मेदारियां दिलाने में सिफारिश की थी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि गणनाकर्मियों की भर्ती किन परिस्थितियों में हुई, बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या थी तथा चढ़ावे की गणना और जमा प्रक्रिया में कहीं लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।
पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी
पुलिस का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी। यदि विवेचना के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।