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डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच उपलब्ध CCTV फुटेज में चढ़ावे की गणना के दौरान 70 बार चोरी जैसी गतिविधियां दर्ज हुईं। जांच में करोड़ों रुपये के चढ़ावे के गबन की आशंका जताई गई है।
चढ़ावा चोरी की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने 15 जून से जांच शुरू की और एक सप्ताह बाद शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी।
रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्रा की चोरी में कथित संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है। इनके खिलाफ चोरी, चोरी की संपत्ति रखने, षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
एसआईटी के अनुसार जांच शुरू होने से पहले ही ट्रस्ट ने संदिग्ध कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये, विदेशी मुद्रा, बहुमूल्य वस्तुएं तथा गणना कक्ष से सटे शौचालय से 2.25 लाख रुपये बरामद किए थे। कर्मचारियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में भी आय से अधिक नकद जमा और अन्य वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कक्ष में फ्रिस्किंग, जेब रहित वर्दी, निजी सामान पर रोक और प्रभावी बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू नहीं थी। इसके अलावा अलग-अलग हुंडियों की राशि मिलाकर गिनती की जाती थी और नकदी ले जाने वाले बक्सों की ट्रैकिंग भी प्रभावी नहीं थी, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल हो गया।
1. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान चोरी और गबन की पुष्टि।
2. 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच सीसीटीवी में 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज।
3. 24 अप्रैल 2026 से पहले की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं मिली।
4. छह गणना कर्मी प्रथम दृष्टया चोरी में संलिप्त पाए गए।
5. संदिग्ध कर्मचारियों से 78.94 लाख रुपये पहले ही बरामद किए गए।
6. विदेशी मुद्रा, बहुमूल्य वस्तुएं और 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त बरामद हुए।
7. कर्मचारियों और रिश्तेदारों के खातों में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन मिले।
8. चोरी की रकम रिश्तेदारों के खातों में जमा होने के संकेत मिले।
9. विस्तृत आर्थिक जांच कराने की सिफारिश की गई।
10. गणना कक्ष में फ्रिस्किंग और जेब रहित वर्दी लागू नहीं थी।
11. निजी सामान ले जाने पर प्रभावी रोक नहीं थी।
12. बायोमीट्रिक उपस्थिति व्यवस्था प्रभावी नहीं रही।
13. अलग-अलग हुंडियों की राशि मिलाकर गणना की गई।
14. ट्रस्ट और बैंक के बीच तय एसओपी का पालन नहीं हुआ।
15. डॉ. अनिल मिश्रा पर निगरानी और निर्देशों के क्रियान्वयन में कमी का आरोप।
16. गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव पर सुरक्षा व्यवस्था लागू न करने का आरोप।
17. रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू बिना अधिकार हुंडियों की चाबियां संभालते रहे।
18. बैंक अधिकारियों ने निर्धारित वेशभूषा और मासिक रोटेशन का पालन नहीं कराया।
19. सोशल मीडिया पर वायरल चांदी की ईंटों के गायब होने के आरोप सही नहीं मिले।
20. छह आरोपित कर्मचारियों और संबंधित पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश, जबकि अंतिम जांच अभी जारी है।