
एजेंसी, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की बाराबंकी पुलिस ने अपने डॉग स्क्वाड को मजबूत करते हुए बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के एक प्रशिक्षित खोजी कुत्ते को बेड़े में शामिल किया है। 'टकर' नाम का यह स्निफर डॉग ग्वालियर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 'नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स' से 9 महीने का कड़ा प्रशिक्षण पूरा करके आया है।
उल्लेखनीय है कि बेल्जियन शेफर्ड वही खास नस्ल है, जिसका इस्तेमाल साल 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिका के 'ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर' में किया गया था। इस नस्ल की अद्भुत सूंघने की क्षमता, फुर्ती और शारीरिक मजबूती को देखते हुए वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर मामलों की जांच के लिए इन पर भरोसा जताती हैं।
बाराबंकी पुलिस के पास पिछले करीब एक साल से कोई प्रशिक्षित खोजी कुत्ता उपलब्ध नहीं था। दरअसल, वर्ष 2025 में डॉग स्क्वाड की दो डाबरमैन फीमेल डॉग्स 'डायना' (3 अप्रैल) और 'निक्की' (18 सितंबर) की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से क्राइम सीन से सुराग जुटाने में पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। टकर के आने से पुलिस ने राहत की सांस ली है।
टकर के साथ उसके पुलिस हैंडलर विकास कुमार ने भी बीएसएफ केंद्र ग्वालियर से 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी की है।
हत्या, लूट, डकैती और चोरी जैसी संगीन वारदातों में टकर की मदद ली जाएगी। जिन मामलों में पुलिस के हाथ सीधे तौर पर कोई ठोस सुराग नहीं लगता, वहां टकर की सूंघने की क्षमता जांच की नई दिशा तय करेगी। पुलिस पुराने और अनसुलझे मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए भी इसका इस्तेमाल करेगी।
जिले में फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए लगभग ढाई महीने के भीतर एक और प्रशिक्षित कुत्ता मिलने की संभावना है। हालांकि, उसकी नस्ल की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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