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ओसामा को ढूंढने वाला कुत्ता अब यूपी पुलिस के पास... BSF सेंटर से ट्रेनिंग लेकर आया 'टकर'

उत्तर प्रदेश की बाराबंकी पुलिस ने अपने डॉग स्क्वाड को मजबूत करते हुए बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के एक प्रशिक्षित खोजी कुत्ते को बेड़े में शामिल किया है।

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 03:29:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 03:29:59 PM (IST)
ओसामा को ढूंढने वाला कुत्ता अब यूपी पुलिस के पास... BSF सेंटर से ट्रेनिंग लेकर आया 'टकर'
ओसामा को ढूंढने वाला कुत्ता अब यूपी पुलिस के पास

HighLights

  1. BSF ग्वालियर केंद्र से टकर और हैंडलर ने ली 9 माह की ट्रेनिंग
  2. ओसामा ऑपरेशन वाली बेल्जियन शेफर्ड नस्ल का है खोजी कुत्ता
  3. डाबरमैन कुत्तों की मौत के बाद 1 साल बाद मिला नया स्निफर डॉग

एजेंसी, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की बाराबंकी पुलिस ने अपने डॉग स्क्वाड को मजबूत करते हुए बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के एक प्रशिक्षित खोजी कुत्ते को बेड़े में शामिल किया है। 'टकर' नाम का यह स्निफर डॉग ग्वालियर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 'नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स' से 9 महीने का कड़ा प्रशिक्षण पूरा करके आया है।

उल्लेखनीय है कि बेल्जियन शेफर्ड वही खास नस्ल है, जिसका इस्तेमाल साल 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिका के 'ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर' में किया गया था। इस नस्ल की अद्भुत सूंघने की क्षमता, फुर्ती और शारीरिक मजबूती को देखते हुए वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर मामलों की जांच के लिए इन पर भरोसा जताती हैं।


एक साल बाद पुलिस को मिली राहत

बाराबंकी पुलिस के पास पिछले करीब एक साल से कोई प्रशिक्षित खोजी कुत्ता उपलब्ध नहीं था। दरअसल, वर्ष 2025 में डॉग स्क्वाड की दो डाबरमैन फीमेल डॉग्स 'डायना' (3 अप्रैल) और 'निक्की' (18 सितंबर) की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से क्राइम सीन से सुराग जुटाने में पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। टकर के आने से पुलिस ने राहत की सांस ली है।

विशेष हैंडलर के साथ 9 महीने की ट्रेनिंग

टकर के साथ उसके पुलिस हैंडलर विकास कुमार ने भी बीएसएफ केंद्र ग्वालियर से 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी की है।

  • सुराग से संदिग्ध तक: प्रशिक्षण के दौरान टकर को घटनास्थल पर मिले कपड़ों, वस्तुओं या अन्य शारीरिक गंध के आधार पर अपराधियों को ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है।
  • हैंडलर ट्यूनिंग: किसी भी ऑपरेशन की सफलता के लिए हैंडलर और डॉग के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी होता है, जिस पर विशेष ध्यान दिया गया है।

अपराध नियंत्रण और जांच में भूमिका

हत्या, लूट, डकैती और चोरी जैसी संगीन वारदातों में टकर की मदद ली जाएगी। जिन मामलों में पुलिस के हाथ सीधे तौर पर कोई ठोस सुराग नहीं लगता, वहां टकर की सूंघने की क्षमता जांच की नई दिशा तय करेगी। पुलिस पुराने और अनसुलझे मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए भी इसका इस्तेमाल करेगी।

जल्द मिलेगा एक और खोजी कुत्ता

जिले में फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए लगभग ढाई महीने के भीतर एक और प्रशिक्षित कुत्ता मिलने की संभावना है। हालांकि, उसकी नस्ल की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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