
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले बाराबंकी को 542.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। ये सभी विकास कार्य मुख्य रूप से दरियाबाद और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रामनगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महादेवा में 'लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर' का भव्य शिलान्यास किया और एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का राजनीतिक एजेंडा भी स्पष्ट कर दिया।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में विकास केवल कब्रिस्तानों तक सीमित था, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में जनता की कमाई की लूट को बंद करके सनातन संस्कृति और सार्वजनिक विकास को संवारा जा रहा है।
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बाराबंकी के नागरिकों को हमेशा केवल एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने इस पूरे क्षेत्र को 'राज्य राजधानी क्षेत्र' (SCR) में शामिल कर यहां के कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बेहद सरल शब्दों में समझाते हुए कहा:
स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में आज बाराबंकी के दोनों हाथों में लड्डू हैं। जो विकास कार्य लखनऊ में होंगे, उनका सीधा लाभ बाराबंकी तक पहुंचेगा; और जो भव्य विकास अयोध्या में हो रहा है, उसका असर भी बाराबंकी की धरती पर साफ दिखाई देगा।
उन्होंने आगे जोड़ा कि उत्तर प्रदेश आज वैश्विक पटल पर बेहतरीन कानून-व्यवस्था, सुशासन और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की एक नई मिसाल बन चुका है।
अपने करीब 40 मिनट के उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने पूरी तरह से सनातन और राष्ट्रवाद को केंद्र में रखा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सनातन सुरक्षित है, तब तक हम सभी का अस्तित्व और सुरक्षा कायम है। जब भी सनातन पर कोई संकट आएगा, तो कोई भी बच नहीं पाएगा; और ऐसे समय में समाज को जातियों में बांटने वाले तत्वों की बोलती पूरी तरह बंद हो जाती है।
धार्मिक स्थलों के विकास का खाका खींचते हुए उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर ही लोधेश्वर महादेवा धाम का भी भव्य कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। महादेवा धाम को मुख्य हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार काशी, विंध्याचल और नैमिषारण्य धाम समेत उत्तर प्रदेश के सभी पौराणिक स्थलों का जीर्णोद्धार कर रही है।
पिछली सरकारों की प्राथमिकताओं पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय हॉकी के जादूगर केडी सिंह 'बाबू' का जिक्र किया। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि यह देखना बेहद हृदयविदारक था कि जिस खिलाड़ी ने अपना पूरा जीवन देश के राष्ट्रीय खेल को समर्पित कर दिया, सपा सरकार के समय उनकी पुश्तैनी हवेली बिकने की कगार पर पहुंच गई थी। हमारी सरकार आते ही हमने यह निर्णय लिया कि केडी सिंह बाबू की हवेली को बिकने नहीं दिया जाएगा, बल्कि सरकार उसका पूरा भुगतान कर उनकी स्मृतियों को जीवित रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के पास बाराबंकी के ऐतिहासिक महादेवा धाम, पारिजात वृक्ष के संरक्षण और केडी सिंह 'बाबू' के स्मारक के लिए धन नहीं था, क्योंकि उनकी प्राथमिकता में केवल कब्रिस्तान का विकास था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जैसे उन सभी महापुरुषों को उचित सम्मान दिया है जिन्होंने देश की स्वाधीनता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां और व्यापारी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, क्योंकि सरकार सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं कर सकती। उन्होंने विपक्ष पर जातिवादी राजनीति और तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि पुरानी सरकारों की प्राथमिकता में केवल भ्रष्टाचार और सांस्कृतिक धरोहरों का अपमान शामिल था।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने इस दौरे से साल 2027 के चुनाव की रूपरेखा तय कर दी है। इससे पहले वर्ष 2017 के चुनाव के दौरान भी योगी आदित्यनाथ ने इसी रामनगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति (देवा में 24 घंटे और महादेवा में 2 घंटे) का मुद्दा उठाकर तत्कालीन सरकार को घेरा था, जिसके बाद भाजपा सत्ता में आई थी। तभी से रामनगर और महादेवा क्षेत्र मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकताओं में शामिल हैं, और आज महादेवा कॉरिडोर का यह शिलान्यास उसी संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।