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बिजली विभाग का अजूबा... जिस स्कूल में 10 साल से गुल है बिजली, वहां 7 साल में आया ₹12.60 लाख का फर्जी बिल

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 'बिहार' में पिछले दस वर्षों से बिजली की सप्लाई ही नहीं है, लेकिन विभाग कागजों पर पिछले सात सालों से बिल भेज रहा है।

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 03:35:14 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 03:35:14 PM (IST)
बिजली विभाग का अजूबा... जिस स्कूल में 10 साल से गुल है बिजली, वहां 7 साल में आया ₹12.60 लाख का फर्जी बिल
बिजली विभाग का अजूबा

HighLights

  1. बिना कनेक्शन फर्रुखाबाद के स्कूल को भेजा ₹12.60 लाख का बिल
  2. प्रधानाचार्य के विरोध पर घटाकर ₹1.60 लाख किया गया आंकड़ा
  3. बिजली न होने से छात्र कंप्यूटर और ICT शिक्षा से वंचित

डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बिजली विभाग की एक अनोखी और हैरान कर देने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 'बिहार' में पिछले दस वर्षों से बिजली की सप्लाई ही नहीं है, लेकिन विभाग कागजों पर पिछले सात सालों से बिल भेज रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि स्कूल परिसर में न तो मीटर लगा है और न ही केबल बिछाई गई है, फिर भी अब तक कुल ₹12.60 लाख की बकायेदारी का बिल थमा दिया गया।

विरोध करने पर घटाते रहे बिल का आंकड़ा, पर नहीं दी बिजली

वर्ष 2014 में निर्मित इस विद्यालय में 4 किलोवाट कनेक्शन का आवेदन किया गया था, लेकिन विभाग ने बिना मीटर-केबल के कागजों पर 7.5 किलोवाट का कनेक्शन चालू दिखा दिया। इसके बाद का घटनाक्रम:

  • दिसंबर 2016: पहली बार स्कूल को ₹41,529 का बिल भेजा गया, जिसे देखकर स्कूल प्रशासन हैरान रह गया।
  • वर्ष 2022: लगातार पत्राचार के बावजूद बिल बढ़कर ₹12.60 लाख तक पहुँच गया। प्रधानाचार्य के विरोध के बाद इसे संशोधित कर ₹5.88 लाख कर दिया गया।
  • वर्ष 2025: प्रधानाचार्य द्वारा पुनः आपत्ति जताने पर विभाग ने बिल की रकम घटाकर ₹1.60 लाख कर दी, लेकिन बिजली की सप्लाई फिर भी शुरू नहीं की गई।

कंप्यूटर और आईसीटी लैब बने शोपीस, छात्र शिक्षा से वंचित

बिना बिजली के उपयोग के शिक्षा विभाग बिल का भुगतान करने को तैयार नहीं है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि जब तक मीटर लगाकर नियमित बिजली चालू नहीं होगी, तब तक पुराने फर्जी बिल जमा नहीं किए जाएंगे। बिजली के अभाव में विद्यालय में बने आईसीटी (ICT) लैब और कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। स्कूल में नामांकित 106 छात्र-छात्राएं आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल अध्ययन से पूरी तरह वंचित हैं।


मामले की जांच के दिए गए आदेश

अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) सुशील कुमार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गंभीर प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है। सोमवार को कनिष्ठ अभियंता (JE) को मौके पर भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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