
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बिजली विभाग की एक अनोखी और हैरान कर देने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 'बिहार' में पिछले दस वर्षों से बिजली की सप्लाई ही नहीं है, लेकिन विभाग कागजों पर पिछले सात सालों से बिल भेज रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि स्कूल परिसर में न तो मीटर लगा है और न ही केबल बिछाई गई है, फिर भी अब तक कुल ₹12.60 लाख की बकायेदारी का बिल थमा दिया गया।
वर्ष 2014 में निर्मित इस विद्यालय में 4 किलोवाट कनेक्शन का आवेदन किया गया था, लेकिन विभाग ने बिना मीटर-केबल के कागजों पर 7.5 किलोवाट का कनेक्शन चालू दिखा दिया। इसके बाद का घटनाक्रम:
बिना बिजली के उपयोग के शिक्षा विभाग बिल का भुगतान करने को तैयार नहीं है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि जब तक मीटर लगाकर नियमित बिजली चालू नहीं होगी, तब तक पुराने फर्जी बिल जमा नहीं किए जाएंगे। बिजली के अभाव में विद्यालय में बने आईसीटी (ICT) लैब और कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। स्कूल में नामांकित 106 छात्र-छात्राएं आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल अध्ययन से पूरी तरह वंचित हैं।
अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) सुशील कुमार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गंभीर प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है। सोमवार को कनिष्ठ अभियंता (JE) को मौके पर भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
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