• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • लखनऊ

अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच पूरी, तीन सदस्यीय SIT ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंपी अपनी रिपोर्ट

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन (Ram Mandir Donation Theft) और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी र...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 01:26:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 01:27:56 PM (IST)
  • Join करें
अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच पूरी, तीन सदस्यीय SIT ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंपी अपनी रिपोर्ट

HighLights

  1. मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी
  2. 15 जून से शुरू की थी मामले की जांच
  3. कुल 14 लोगों के लिखित बयान दर्ज किए

डिजिटल डेस्क, अयोध्या/ लखनऊ। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन (Ram Mandir Donation Theft) और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। मंगलवार को एसआईटी ने जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को प्रस्तुत की।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर के चढ़ावे, नकदी प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए इस विशेष दल का गठन किया था। जांच के दौरान मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई।


मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी

राज्य सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जांच अभी जारी है। यानी यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी। रिपोर्ट के निष्कर्षों और आगे की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। मंगलवार को सौंपी गई रिपोर्ट अंतिम नहीं है। सरकार का कहना है कि जांच अभी जारी है। जांच रिपोर्ट में क्या है इसकी जानकारी अभी बाहर नहीं आ सकी है।

#WATCH | उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन की जांच कर रही 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। pic.twitter.com/R4EaMyBvsy

— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 23, 2026

15 जून से एसआईटी ने शुरू की थी मामले की जांच

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला सात जून को सामने आने के बाद राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल ने सोमवार 15 जून से अपनी जांच शुरू की थी। महासचिव चंपतराय, डॉ. अनिल मिश्र व व्यवस्थापक गोपाल राव से व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर टीम ने जांच आगे बढ़ाई और नकदी की गणना व मंदिर व्यवस्था से जुड़े लगभग डेढ़ सौ लोगों के बयान दर्ज किए।

कुल 14 लोगों के लिखित बयान दर्ज किए

चंपत राय के चालक रहे रामशंकर यादव टिन्नू और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के बयानों का भी मिलान किया गया। असमानता मिलने पर लगातार तीन दिन इन दोनों से पूछताछ हुई। संदिग्ध पाए गए अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, अविनाश शुक्ल, कृष्णदेव तिवारी, सुभाष श्रीवास्तव सहित ट्रस्ट व बैंक से जुड़े कुल 14 लोगों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय समेत 14 लोग जिम्मेदार, ट्रस्ट ने की है बड़ी सिफारिश

SIT की प्रमुख सिफारिशें

एसआईटी ने रिपोर्ट में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक उपाय सुझाए गए हैं। एसआईटी का मानना है कि मंदिर प्रबंधन में पेशेवर व्यवस्था लागू कर वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकता है। इस संबंध में उसने सुझाव भी दिए हैंः

  • श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए।
  • ट्रस्ट पदाधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय की जाए।
  • किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को CEO नियुक्त किया जाए।
  • दानराशि की गणना और प्रबंधन का नियमित ऑडिट कराया जाए।
  • प्रतिदिन प्राप्त नकदी का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाए।
  • मंदिर प्रबंधन में पेशेवर प्रणाली लागू की जाए।
  • CCTV फुटेज का स्टोरेज 45 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किया जाए।
  • विस्तृत जांच के लिए एसआईटी को अतिरिक्त समय दिया जाए।
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

अब रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई और संभावित प्रशासनिक निर्णयों पर सभी की नजरें टिकी हैं।