
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। भारतीय पुलिस सेवा की चर्चित अधिकारी आईपीएस बुशरा बानो इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी यूपीएससी की यात्रा और एएमयू की रेजिडेंस कोचिंग अकेडमी के बारे में जानकारी दे रही हैं। वीडियो की शुरुआत में किए गए उनके अभिवादन को लेकर यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और इसी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
आईपीएस बुशरा बानो भारतीय पुलिस सेवा की वो काबिल अफसर हैं, जिन्होंने साबित कर दिखाया कि शादी के बाद परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी के साथ भी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की जा सकती है। उनको भी लोग कहा करते थे कि दो बच्चों की मां बनने के बाद सपने पीछे छूट जाते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पाती है। यूपीएससी सीएसई जैसी कठिन परीक्षा पास करना तो बहुत मुश्किल है। समाज के इन घिसे-पिटे तानों को बुशरा बानो ने अपनी मुट्ठी में भींचकर कचरे के डिब्बे में फेंका और आईपीएस बनकर दिखाया।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज की गलियों से निकलकर खाकी वर्दी तक का उनका यह सफर किसी सुपरहिट फिल्म की कहानी जैसा लगता है। साल 2021 बैच की आईपीएस बुशरा बानो की वर्तमान पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर है।
आईपीएस बुशरा बानो की सक्सेस स्टोरी में सबसे खास बात यह रही कि जहां अक्सर कहा जाता है कि 'सफल पुरुष के पीछे महिला का हाथ होता है', वहीं बुशरा के मामले में उनके पति ढाल बनकर खड़े रहे। सऊदी अरब की एक नामी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी, एक सेटल लाइफ और दो छोटे बच्चे।
अमूमन लोग इतने में जिंदगी का ठहराव तलाश लेते हैं। लेकिन बुशरा के भीतर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का जो जुनून उबल रहा था, उसने उन्हें सुकून से बैठने नहीं दिया। पत्नी के सपने को पूरा करने के लिए पति ने भी 2016 में सऊदी की नौकरी छोड़ दी और दोनों भारत लौट आए।
बुशरा बानो का यूपीएससी सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। 2018 में जब बुशरा दूसरी बार मां बनने वाली थीं, तब रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने मान लिया था कि अब किताबों से नाता टूट जाएगा। लेकिन बुशरा ने उसी दौर में दिन-रात मेहनत करके संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 277वीं रैंक हासिल की। इसके तहत उन्हें भारतीय रेल यातायात सेवा कैडर अलॉट हुआ, मगर बुशरा का सपना भारतीय पुलिस सेवा में जाने का था।
ऐसे में उन्होंने फिर से यूपीएससी में भाग्य आजमाया और इस बार 234वीं रैंक लाकर पश्चिम बंगाल कैडर में आईपीएस बनीं। उनके पास PhD, MBA, MA और NET-JRF जैसी कई डिग्रियां हैं। वह यूपी सरकार में एसडीएम भी रह चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल कैडर की 2021 बैच की यह धाकड़ अफसर वर्तमान में खड़गपुर में एडिशनल एसपी के रूप में अपराध पर लगाम कसने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। हाल ही में उन्होंने रश्मि ग्रुप, खड़गपुर में आयोजित 'राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम' में शिरकत की। 6 सितंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं।