इलाहाबाद HC के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, आवास पर मिले थे जले हुए नोटों के बंडल
इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है। हाल ही में वह आवास पर कथित ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 10 Apr 2026 12:54:05 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Apr 2026 01:09:18 PM (IST)
विवादों के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफाHighLights
- जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
- उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है
- आवास पर नकदी मिलने के बाद जांच का सामना कर रहे थे
डिजिटल डेस्क। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है। हाल ही में जस्टिस वर्मा अपने आवास पर कथित तौर पर भारी मात्रा में संदिग्ध नकदी मिलने के कारण विवादों और जांच के घेरे में थे। इसी विवाद और शिकायतों के चलते उन्हें दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट से ट्रांसफर कर वापस उनके मूल कैडर इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजा गया था।
उन्होंने 5 अप्रैल, 2025 को दोबारा शपथ ग्रहण की थी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों और निरंतर चल रही जांच के दबाव के कारण आखिरकार उन्होंने पद त्यागने का फैसला लिया। उनके इस अचानक इस्तीफे ने कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
आवास से मिली थीं नोटों की गड्डियां
बता दें कि 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भीषण आग लग गई थी। आग बुझाने पहुंचे अग्निशमन दस्ते को स्टोर रूम में भारी मात्रा में जली हुई नोटों की गड्डियां बरामद हुईं थीं। घटना के समय जस्टिस वर्मा मध्य प्रदेश में थे, लेकिन इस खुलासे ने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया।
तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की गई थी
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की। समिति ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया, जिसके बाद जस्टिस खन्ना ने उनसे इस्तीफे की मांग की। जस्टिस वर्मा द्वारा इस्तीफा न देने पर उनका न्यायिक कार्य वापस ले लिया गया और उन्हें दिल्ली से इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया।