गैस नहीं तो भट्ठी सही! लखनऊ में 500 रुपये वाली भट्ठी 3000 में बिकी, कोयला-लकड़ी के दामों में भारी उछाल
खाड़ी देशों में जारी युद्ध के असर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसका असर अब छोटे कारोबारों पर साफ दिखाई दे रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 13 Mar 2026 05:19:37 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Mar 2026 05:19:37 PM (IST)
कोयला-लकड़ी के दामों ने पकड़ी रफ्तारHighLights
- कमर्शियल गैस की कमी से लखनऊ में 500 रुपये वाली भट्ठी 3000 रुपये
- कोयला 50 रुपये किलो और लकड़ी 30 रुपये किलो तक पहुंच गई है
- गैस संकट के बीच इलेक्ट्रॉनिक बाजार में इंडक्शन कुकटॉप की मांग 50% बढ़ी
डिजिटल डेस्क। खाड़ी देशों में जारी युद्ध के असर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसका असर अब छोटे कारोबारों पर साफ दिखाई दे रहा है। फास्ट फूड, चाय और पूड़ी-सब्जी के ठेले चलाने वाले दुकानदारों को गैस नहीं मिल रही, जिसके कारण कई जगह दुकानें बंद होने लगी हैं और कुछ लोग मजबूरी में भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भट्ठी की मांग अचानक बढ़ गई
गुरुवार को ऐशबाग, चिनहट और सीतापुर रोड जैसे इलाकों में भट्ठी की मांग अचानक बढ़ गई। जो भट्ठी पहले 500 से 800 रुपये में मिलती थी, वही अब 2000 से 3000 रुपये तक बिक रही है। कई लोगों ने भट्ठी के लिए एडवांस देकर बुकिंग भी कराई है। इसके साथ ही ईंधन की कीमतें भी बढ़ गई हैं। एक सप्ताह पहले 25 रुपये किलो बिकने वाला इमली का कोयला अब 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि लकड़ी 20 रुपये से बढ़कर करीब 30 रुपये किलो बिक रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट पर भी पड़ा है। भूतनाथ और राजाजीपुरम इलाके में कई रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। होटल संचालक अंकित अरोड़ा का कहना है कि तीन दिन से गैस न मिलने के कारण काम ठप पड़ा है। वहीं अलीगंज की रेस्टोरेंट संचालक निशा अग्रवाल के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है और किराया, बिजली व स्टाफ का खर्च निकालना चुनौती बन गया है।
गैस की कमी के कारण भट्ठी खरीदनी पड़ी
कैटरिंग से जुड़े नीरज और अनूप यादव ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें भट्ठी खरीदनी पड़ी। पहले अलग-अलग गैस चूल्हों पर कई तरह के पकवान बन जाते थे, लेकिन अब भट्ठी पर एक-दो ही चीजें बन पा रही हैं और समय भी ज्यादा लग रहा है। टिफिन सेवा चलाने वाले कई लोग भी इस समस्या से प्रभावित हुए हैं।