यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य, फॉर्म-60 का विकल्प समाप्त
UP News: उत्तर प्रदेश में अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने नियमों में अहम बदलाव किया है। अब ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 03:33:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 03:33:01 PM (IST)
यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य, फॉर्म-60 का विकल्प समाप्तHighLights
- लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है
- संदिग्ध निवेश की पहचान करना आसान होगा
- सर्वर की धीमी गति से प्रभावित रही रजिस्ट्री
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने नियमों में अहम बदलाव किया है। अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड के सत्यापन के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में पैन कार्ड प्रस्तुत करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
जिन क्रेता या विक्रेता के पास पैन कार्ड नहीं होगा, वे अब संपत्ति का लेन-देन नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने बुधवार को सभी सहायक महानिरीक्षक निबंधन एवं उप निबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है
अब तक जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं था, वे आयकर विभाग से संबंधित फॉर्म-60 भरकर संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकते थे, लेकिन शासन ने इस विकल्प को समाप्त कर दिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में अचल संपत्तियों के लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
संदिग्ध निवेश की पहचान करना आसान होगा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आधार सत्यापन से जहां फर्जी पहचान पर रोक लगी है, वहीं पैन कार्ड की अनिवार्यता से जमीन और मकानों में होने वाले अनियंत्रित व संदिग्ध निवेश पर अंकुश लगेगा। अब संपत्ति की रजिस्ट्री के समय पैन नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे लेन-देन का स्पष्ट वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे काले धन के इस्तेमाल और संदिग्ध निवेश की पहचान करना आसान होगा।
प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संभावित चुनौतियों को रोकने की दिशा में भी अहम है। अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने के प्रयासों पर प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत संबंधित जिलों में सभी प्रकार के अचल संपत्ति विलेखों के पंजीकरण के दौरान पक्षकारों की स्थायी खाता संख्या (पैन) को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभागीय सॉफ्टवेयर के माध्यम से पैन का ऑनलाइन सत्यापन होने के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी।
सर्वर की धीमी गति से प्रभावित रही रजिस्ट्री
आधार सत्यापन के दौरान सर्वर की धीमी गति के कारण बुधवार को भी एक-दो घंटे तक रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहा। इसके अलावा, जिन लोगों के आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदल चुके हैं, उन्हें रजिस्ट्री से पहले आधार संशोधन केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।