डिजिटल डेस्क। रक्षा मामलों की 31 सदस्यीय संसदीय समिति नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को अयोध्या पहुंचने वाली है। समिति के सदस्यों का रामलला के दर्शन और छावनी क्षेत्र के भ्रमण का कार्यक्रम प्रस्तावित है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व रायबरेली सांसद राहुल गांधी इस दौरे में शामिल नहीं होंगे।
राहुल गांधी भी रक्षा मामलों की इस संसदीय समिति के सदस्य हैं। उन्हें सितंबर 2024 में गठित समिति में शामिल किया गया था। ऐसे में उनके अयोध्या आगमन की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब तक न तो जिला प्रशासन और न ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उनके आने की कोई सूचना प्राप्त हुई है।
रामलला के दर्शन से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं
राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दों पर अक्सर सत्तारूढ़ एनडीए, विशेषकर भाजपा पर संसद में हमलावर रहने वाले राहुल गांधी एक बार फिर अयोध्या आने और रामलला के दर्शन से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बीते दो वर्षों में देश-विदेश की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां, खिलाड़ी और फिल्मी सितारे अयोध्या आकर दर्शन कर चुके हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना नहीं मिली
रक्षा मामलों की संसदीय समिति की यात्रा तय होने के बाद यह स्वाभाविक माना जा रहा था कि समिति सदस्य होने के नाते राहुल गांधी भी अयोध्या आएंगे। हालांकि, जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त होने के कारण उनके दौरे की जानकारी आमतौर पर 48 घंटे पहले संबंधित प्रशासन को दी जाती है। सूचना न मिलने से राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी भी अब यह मान रहे हैं कि राहुल गांधी इस दौरे का हिस्सा नहीं बनेंगे।
राहुल अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं
दिलचस्प बात यह है कि इन दिनों राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं, जो अयोध्या से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद उनके अयोध्या आने की कोई संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि संसदीय समिति तो आ रही है, लेकिन राहुल गांधी के आगमन की कोई जानकारी नहीं है। वहीं, राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें कांग्रेस नेता के आने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी बनाए रखी थी दूरी
राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को औपचारिक आमंत्रण भेजा था, लेकिन गांधी परिवार ने समारोह में भाग नहीं लिया। वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने अयोध्या यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन जरूर किए थे, लेकिन वह राम जन्मभूमि नहीं गए थे।
संसदीय समिति की इस यात्रा को लेकर यह माना जा रहा था कि राहुल गांधी अयोध्या पहुंचकर अपने राजनीतिक आलोचकों को जवाब देंगे, लेकिन उनके न आने से यह सवाल एक बार फिर अनुत्तरित रह गया है।
रक्षा मामलों की संसदीय समिति के सदस्य
रक्षा मंत्रालय की इस संसदीय समिति में कुल 31 सदस्य शामिल हैं, जिनमें राज्यसभा के 10 और लोकसभा के 21 सांसद हैं। समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद राधामोहन सिंह हैं। समिति में दो मुस्लिम सांसद भी शामिल हैं।
राज्यसभा से नरेश बंसल, शक्ति सिंह गोहिल, प्रेमचंद गुप्त, नवीन जैन, मुजिबुल्ला खान, प्रफुल्ल पटेल, धैर्यशील मोहन पाटिल सहित अन्य सदस्य हैं।
वहीं लोकसभा से राहुल गांधी, डॉ. राजीव भारद्वाज, कार्ति पी. चिदंबरम, मोहम्मद हनीफ, कैप्टन विरियातो फर्नांडिज, एस. ज्योतिमणि, रविंद्र शुक्ल उर्फ रविकिशन, शशांक मणि, लुम्बाराम समेत अन्य सांसद समिति का हिस्सा हैं।