विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले सीएम योगी, आपसी अंतर्विरोध और षड्यंत्र बने गुलामी की वजह
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के इतिहास से सबक लेने और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 02:11:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 02:12:48 PM (IST)
HighLights
- सीएम ने सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया
- बोले-भारत के पास कभी शक्ति, बुद्धि और समृद्धि की कमी नहीं
- मुख्यमंत्री ने तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा आरोप भी लगाया
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के इतिहास से सबक लेने और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास कभी शक्ति, बुद्धि और समृद्धि की कमी नहीं रही, इसके बावजूद देश को लंबे समय तक गुलामी का सामना करना पड़ा।
इसके पीछे उन्होंने समाज के भीतर के अंतर्विरोध और बाहरी-आंतरिक षड्यंत्रों को प्रमुख कारण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में हुआ भारत का विभाजन विश्व मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। उन्होंने विभाजन के लिए तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता की जल्दबाजी में देश के साथ ऐसा निर्णय लिया गया, जिसका दर्द आज भी इतिहास में दर्ज है।
‘शक्ति, बुद्धि और वैभव की नहीं थी कमी’
सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह सवाल उठता है कि भारत जैसा समृद्ध और सामर्थ्यवान देश सदियों तक गुलाम कैसे रहा। उन्होंने कहा कि भारत में न तो सामर्थ्य की कमी थी और न ही ज्ञान एवं संपन्नता का अभाव। उन्होंने कहा कि देश के पास पर्याप्त संसाधन और प्रतिभा होने के बावजूद समाज में मौजूद कमजोरियां बाहरी ताकतों के लिए अवसर बनती रहीं। इतिहास की इन घटनाओं से आज भी सीख लेने की जरूरत है।
‘दो प्रमुख कारणों से गुलाम हुआ भारत’
मुख्यमंत्री ने भारत की गुलामी के पीछे दो प्रमुख कारण गिनाए। उनके मुताबिक पहला कारण आपसी अंतर्विरोध था, जबकि दूसरा बाहरी और आंतरिक षड्यंत्र। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब समाज जाति, क्षेत्र और भाषा जैसे मुद्दों के आधार पर आपस में बंटने लगता है तो उसकी एकजुटता कमजोर होती है।
ऐसी परिस्थितियां षड्यंत्रकारियों को अपने उद्देश्य में सफल होने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि भारत के भीतर मौजूद विभाजन और अंतर्विरोधों का लाभ उठाकर षड्यंत्रकारी अपने मंसूबों में कामयाब हुए और इसका अंतिम परिणाम देश की गुलामी के रूप में सामने आया।
इतिहास से सबक लेने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत की गलतियों को समझना इसलिए जरूरी है, ताकि भविष्य में उन्हें दोहराया न जाए। उन्होंने सामाजिक एकता, आपसी समन्वय और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने की जरूरत बताई। सीएम योगी के मुताबिक, देश की एकता और अखंडता तभी मजबूत रह सकती है, जब समाज आंतरिक विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे।