स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं, माघ मेला प्राधिकरण ने जारी किया एक और नोटिस, स्थायी प्रतिबंध की चेतावनी
UP News: मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान माघ मेला क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Jan 2026 03:12:16 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Jan 2026 03:12:16 PM (IST)
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ींHighLights
- भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का गंभीर खतरा था
- इस घटना से माघ मेला की व्यवस्थाएं बाधित हुईं
- 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा
डिजिटल डेस्क। मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान माघ मेला क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने श्री शंकराचार्य आश्रम एवं बद्रीनाथ हिमालय सेवा शिविर के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों शिविर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े बताए जा रहे हैं।
मेला प्रशासन का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ पालकी रथ यात्रा के माध्यम से संगम स्नान के लिए रवाना हुए। इस दौरान 18 जनवरी को आरक्षित श्रेणी के पीपा नंबर-दो पर लगे बैरियर को तोड़ते हुए, बिना पूर्व अनुमति के वाहन सहित संगम अपर मार्ग से प्रवेश किया गया।
भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का गंभीर खतरा था
प्राधिकरण ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए केवल पैदल आवागमन की अनुमति दी गई थी। ऐसे संवेदनशील समय में वाहनों के प्रवेश से अव्यवस्था फैलने और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का गंभीर खतरा था, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी।
इस घटना से माघ मेला की व्यवस्थाएं बाधित हुईं
प्रशासन का कहना है कि इस घटना से माघ मेला की व्यवस्थाएं बाधित हुईं और भीड़ प्रबंधन में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुईं। इसके साथ ही, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद स्वयं को शंकराचार्य बताते हुए मेले में बोर्ड और होर्डिंग लगाए जाने को भी नोटिस में शामिल किया गया है। इसे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना बताया गया है।
24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा
मेला प्राधिकरण ने 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में जवाब न मिलने की स्थिति में संस्था को दी जा रही सुविधाएं और भूमि आवंटन रद्द करने के साथ ही मेले में स्थायी रूप से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र सरकार ने प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया है। उनका आरोप है कि मेला प्राधिकरण ने बिना पूर्व सूचना के शिविर की पिछली दीवार पर बैक डेट में नोटिस चस्पा किया। कर्मचारियों से जानकारी मिलने के बाद ही नोटिस का पता चला, जिसका जवाब तैयार किया जा रहा है और शीघ्र ही प्राधिकरण को भेजा जाएगा।